JEE एडवांस्ड के लाखों छात्रों का डेटा लीक होने के दावे खारिज, IIT रुड़की ने कहा गलत जानकारी फैलाई जा रही

नई दिल्ली. संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई एडवांस्ड) 2026 से जुड़े लाखों अभ्यर्थियों के डेटा लीक होने के दावों को लेकर उठे विवाद के बीच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है. संस्थान ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही डेटा ब्रीच की खबरों को भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत बताते हुए कहा है कि किसी भी अभ्यर्थी की संवेदनशील जानकारी से समझौता नहीं हुआ और न ही बड़े पैमाने पर कोई डेटा निकाला गया.

आईआईटी रुड़की, जिसने इस वर्ष जेईई एडवांस्ड परीक्षा का आयोजन किया था, ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर जिस तरह से मामले को प्रस्तुत किया जा रहा है, वास्तविकता उससे काफी अलग है. संस्थान के अनुसार कुछ लोगों द्वारा इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है, जिससे छात्रों और अभिभावकों के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा हुई है.

संस्थान ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि लाखों जेईई एडवांस्ड अभ्यर्थियों की निजता भंग होने और बड़े स्तर पर डेटा लीक होने के दावे पूरी तरह भ्रामक हैं. आईआईटी रुड़की का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित जानकारी वास्तविक घटनाक्रम को सही तरीके से नहीं दर्शाती और इस मामले में गलत सूचनाएं फैलाने का प्रयास किया जा रहा है.

आईआईटी रुड़की के अनुसार यह स्थिति 2 जून को की गई कुछ तकनीकी प्रक्रियाओं के दौरान उत्पन्न हुई थी. संस्थान ने बताया कि कई अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड और पंजीकरण संबंधी जानकारी तक पहुंचने में परेशानी हो रही थी. इन समस्याओं के समाधान और पंजीकरण प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए तकनीकी स्तर पर कुछ आवश्यक हस्तक्षेप किए गए थे. इसी दौरान क्लाउड स्टोरेज प्रणाली में एक सीमित और अस्थायी तकनीकी गड़बड़ी उत्पन्न हो गई.

संस्थान ने कहा कि यह कोई साइबर हमला या व्यापक डेटा चोरी का मामला नहीं था, बल्कि क्लाउड स्टोरेज के कॉन्फिगरेशन से जुड़ी एक अस्थायी तकनीकी त्रुटि थी. इस गड़बड़ी की पहचान एथिकल हैकर रायलन अनिल ने की और इसकी सूचना तत्काल संस्थान को दी. सूचना मिलते ही तकनीकी टीम सक्रिय हुई और समस्या का तुरंत समाधान कर दिया गया.

आईआईटी रुड़की ने बताया कि एथिकल हैकर ने यह संकेत दिया था कि वह संबंधित डेटाबेस तक पहुंच प्राप्त कर सकता है. इसके बाद तत्काल आवश्यक कदम उठाए गए और डेटाबेस तक पहुंच को प्रतिबंधित कर दिया गया. संस्थान का दावा है कि समय रहते समस्या का समाधान कर लिया गया, जिससे किसी भी प्रकार के बड़े नुकसान की संभावना समाप्त हो गई.

संस्थान ने यह भी स्पष्ट किया कि उपलब्ध जांच और तकनीकी मूल्यांकन के आधार पर ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि अभ्यर्थियों की संवेदनशील जानकारी का दुरुपयोग हुआ हो या बड़े पैमाने पर डेटा डाउनलोड किया गया हो. आईआईटी रुड़की ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी को ही सही मानें.

इस घटनाक्रम के बाद देशभर में जेईई एडवांस्ड अभ्यर्थियों और अभिभावकों के बीच डेटा सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है. हालांकि आईआईटी रुड़की ने दोहराया है कि परीक्षा से संबंधित संवेदनशील सूचनाएं सुरक्षित हैं और डेटा सुरक्षा को लेकर सभी आवश्यक मानकों का पालन किया जा रहा है. संस्थान का कहना है कि भविष्य में ऐसी किसी भी तकनीकी स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा प्रणालियों की अतिरिक्त समीक्षा और निगरानी भी की जा रही है.

आईआईटी रुड़की के इस स्पष्टीकरण के बाद अब निगाहें इस बात पर हैं कि सोशल मीडिया पर फैलाए गए डेटा लीक के दावों को लेकर आगे क्या स्थिति स्पष्ट होती है. फिलहाल संस्थान ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह कोई बड़े स्तर का डेटा ब्रीच नहीं था, बल्कि एक सीमित और अस्थायी तकनीकी समस्या थी, जिसे समय रहते दूर कर दिया गया.


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