भोपाल। प्रदेश पुलिस महकमे में उपनिरीक्षकों (एसआई) को कार्यवाहक निरीक्षक का प्रभार देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रशासनिक त्रुटियों और कानूनी विवादों से बचने के लिए पुलिस मुख्यालय इस बार अधिकारियों के बुनियादी प्रशिक्षण और परीक्षा उत्तीर्ण करने की स्थिति की बारीकी से जांच कर रहा है। इसके लिए जिला पुलिस बल, विशेष सशस्त्र बल, विशेष शाखा और पुलिस रेडियो सहित सभी इकाइयों से विस्तृत व सत्यापित रिकॉर्ड मांगा गया है।
नियमों के मुताबिक, निरीक्षक पद पर पदोन्नति या प्रभार के लिए निर्धारित प्रशिक्षण पूरा करना और परीक्षा पास करना अनिवार्य है। अक्सर पुलिस थानों और ट्रेनिंग सेंटरों के बीच समन्वय की कमी या पुराने रिकॉर्ड के कारण भ्रम की स्थिति बन जाती है। कई अधिकारी पहली बार में परीक्षा पास नहीं कर पाते, लेकिन बाद के वर्षों में उत्तीर्ण हो जाते हैं। रिकॉर्ड अपडेट न होने से ऐसे योग्य अधिकारियों के नाम पात्रता सूची से छूट जाते हैं। इसी गफलत और विसंगतियों को दूर करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने इस बार सख्त रुख अपनाया है। सभी इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उपनिरीक्षकों के प्रशिक्षण और परीक्षा परिणाम का केवल सत्यापित डेटा ही भेजें। इसी फिल्टर और पारदर्शी डेटा के आधार पर अंतिम पात्रता सूची तैयार होगी, जिससे केवल योग्य अधिकारियों को ही कार्यवाहक निरीक्षक का प्रभार मिल सकेगा।