राज्यसभा उम्मीदवार के नाम पर मंथन में जुटे कांग्रेस के दिग्गज

सीट बचाने का प्रयास, विधायकों की बैठक आज
भोपाल। प्रदेश में आगामी 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। सूबे की तीन सीटों पर होने वाले इस दंगल के लिए कांग्रेस ने अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में दिल्ली में दिग्गजों की बैठकें लगातार जारी है। बैठकों में नामों पर मंथन किया जा रहा है। मंथन में ऐसे नाम के चयन पर जोर दिया जा रहा है जिसके चले विधायक एकजुट रह सकें। इसके पीछे कारण बताया जा रहा है कि भाजपा की नजरें कांग्रेस के घटते संख्या बल का फायदा उठाकर तीनों सीटों पर कब्जा जमाने की है। ऐसे में कांग्रेस के सामने अपनी इकलौती सीट बचाने की बड़ी चुनौती है। वहीं संगठन भी अलर्ट हो गया है। कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक कल षनिवार को बुलाई है।
दिल्ली में होने वाली इस हाई-प्रोफाइल बैठक में प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार मुख्य रूप से शामिल होंगे। सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी इस रणनीतिक बैठक में मौजूद रह सकते हैं। हालांकि, नेताओं ने आधिकारिक तौर पर बैठक के एजेंडे को लेकर चुप्पी साध रखी है, लेकिन माना जा रहा है कि इसका सीधा संबंध राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवारों और विधायकों की किलेबंदी से है।
कमजोर होता संख्या बल, कांग्रेस की बढ़ी चिंताएं
कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय विधानसभा में उसके विधायकों का घटता ग्राफ है। वर्तमान में कांग्रेस के पास कहने को 64 विधायक हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।  विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा और दतिया से विधायक राजेंद्र भारती (धोखाधड़ी के मामले में) की विधायकी पहले ही रद्द हो चुकी है। वहीं बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे लगातार भाजपा के कार्यक्रमों में मंच साझा कर रही हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधानसभा अध्यक्ष के पास सप्रे की सदस्यता रद्द करने का आवेदन भी दे रखा है।
संगठन हुआ अलर्ट, विधायक दल की बैठक आज
उम्मीदवार के नाम की घोषणा से पहले कांग्रेस संगठन ने चुनावी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। जानकारी के अनुसार विधायकों से नामांकन प्रक्रिया के लिए प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं, ताकि उम्मीदवार तय होते ही नामांकन की औपचारिकताएं पूरी की जा सकें। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह प्रक्रिया चुनावी समय-सीमा को देखते हुए अपनाई जा रही है। राज्यसभा चुनाव को लेकर शनिवार शाम 5 बजे भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में विधायक दल की बैठक बुलाई गई है।
21 जून को खाली हो रही हैं ये तीन सीटें
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटें आगामी 21 जून  को खाली होने जा रही हैं, जिनके लिए 18 जून को मतदान होना है। भाजपा कोटे से केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन और सुमेर सिंह सोलंकी का कार्यकाल पूरा हो रहा है। वहीं कांग्रेस कोटे से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों के हिसाब से भाजपा के पास दो सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए पर्याप्त बहुमत है। लेकिन भाजपा इस बार तीसरी सीट पर भी नजरें गड़ाए हुए है। तीसरी सीट जीतने के लिए भाजपा को विपक्षी विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी, जिसके लिए कांग्रेस में सेंधमारी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

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