अधिकतम 15 कार्यालयों का कर सकेंगे चयन, गलत जानकारी देने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
भोपाल। राज्य शासन की स्थानांतरण नीति 2026-27 के तहत जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग ने तबादला आवेदनों को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, स्वैच्छिक स्थानांतरण के इच्छुक अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षक 8 जून 2026 तक ई-एचआरएमएस पोर्टल पर केवल ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल ऑनलाइन आवेदन करने मात्र से स्थानांतरण का अधिकार सुनिश्चित नहीं होगा, अंतिम निर्णय मुख्यालय स्तर पर लिया जाएगा।
आवेदक स्थानांतरण के लिए अधिकतम 15 कार्यालयों या संस्थाओं का चयन कर सकेंगे। आवेदन में दर्शाए गए कारणों (जैसे बीमारी, पारिवारिक वजह आदि) के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज पीडीएफ फॉर्मेट में अपलोड करना अनिवार्य होगा। एक बार आवेदन फाइनल सबमिट होने के बाद उसमें किसी भी प्रकार का सुधार या संशोधन नहीं किया जा सकेगा। पोर्टल पर दिखाई दे रही रिक्तियां अस्थायी (टेंटेटिव) हैं, जिन्हें आवश्यकतानुसार समय-समय पर अपडेट किया जाएगा। विभाग ने शिक्षक संवर्ग के लिए नीति में मुख्य रूप से ये शर्तें जोड़ी हैं। इनमें माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों के स्थानांतरण केवल उनके मूल विषय की रिक्तियों के आधार पर ही किए जाएंगे। प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक संवर्ग के प्रशासनिक या स्वैच्छिक स्थानांतरण परिवीक्षा अवधि के दौरान नहीं किए जा सकेंगे।
रिक्त पदों की जानकारी कर लें सत्यापित
विभाग ने साफ कर दिया है कि यदि किसी आवेदन में गलत जानकारी पाई गई या सत्यापन में लापरवाही हुई, तो संबंधित कर्मचारी के साथ-साथ सत्यापन करने वाले अधिकारी के विरुद्ध भी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 5 जून तक ई-एचआरएमएस पोर्टल पर अपने क्षेत्र के सभी रिक्त पदों की सही जानकारी दर्ज कर उसे सत्यापित कर लें। रिक्तियों की एंट्री और वेरिफिकेशन की पूरी जिम्मेदारी संबंधित कार्यालय प्रमुख, डीडीओ एवं ऑफिस एडमिन की होगी। यह आदेश विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों पर समान रूप से लागू होगा।