भाजपा ने दिग्गजों को छोड़ सांगठनिक चेहरों को दी प्राथमिकता
भोपाल। प्रदेश से राज्यसभा की खाली हो रही दो सीटों के लिए भाजपा ने अपने पत्तों का खुलासा कर दिया है। तमाम कयासों और लंबे चले मंथन के बाद पार्टी ने संगठन में गहरी पैठ रखने वाले दो बड़े चेहरों पर दांव लगाया है। भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति ने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है।
मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा के पास मौजूद प्रचंड बहुमत और विधायकों की संख्या बल को देखते हुए इन दोनों ही नेताओं का निर्विरोध राज्यसभा पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा ने इस बार किसी बाहरी या विशुद्ध राजनेता के बजाय पूरी तरह समर्पित और सांगठनिक रूप से मजबूत नेताओं को तरजीह दी है। तरूण चुघ भाजपा राष्ट्रीय महासचिव है। मूल रूप से पंजाब से आने वाले तरुण चुघ को भाजपा शीर्ष नेतृत्व का बेहद करीबी और संकटमोचक माना जाता है। उन्होंने देश के कई राज्यों में पार्टी के संगठन को खड़ा करने और चुनावी रणनीति बनाने में अहम भूमिका निभाई है। मध्य प्रदेश की सांगठनिक गतिविधियों में भी वे लगातार सक्रिय रहे हैं।
कुशल संगठन के रूप में बनाई पहचान
रजनीश अग्रवाल भाजपा प्रदेश मंत्री (मध्य प्रदेश) हैं। रजनीश अग्रवाल प्रदेश भाजपा के उन चुनिंदा नेताओं में से हैं जिनकी पहचान एक शांत, गंभीर और बेहद कुशल संगठक की रही है। लंबे समय से पार्टी के विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने चुनावी प्रबंधन, मीडिया समन्वय और कार्यकर्ताओं को जोड़ने में बेहतरीन काम किया है। पार्टी ने उन्हें यह टिकट देकर उनकी कर्मठता और समर्पण का सम्मान किया है।
कार्यकर्ता को मिला महत्व
भाजपा ने इस फैसले के जरिए भाजपा आलाकमान ने अपने कैडर को एक स्पष्ट संदेश दिया है कि पार्टी के लिए संगठन सर्वाेपरि है। जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं और प्रभारियों को शीर्ष पदों से नवाजा जाना आगामी चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं के मनोबल को और मजबूत करेगा। उम्मीदवारों के नामों की घोषणा के साथ ही भोपाल से लेकर दिल्ली तक दोनों नेताओं को बधाई देने वालों का तांता लग गया है।