भोपाल। राज्य विधानसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण) के अनुसमर्थन के लिए सोमवार को आयोजित होने वाला विशेष सत्र हंगामेदार रहने के आसार हैं। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ने ही एक-दूसरे को घेरने के लिए अपनी बिसात बिछा ली है।
सत्र की औपचारिक शुरुआत से दो घंटे पहले सुबह 9 बजे दोनों प्रमुख दलों ने विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठकें बुलाई हैं। मुख्यमंत्री निवास पर भाजपा विधायक दल की बैठक होगी। इसमें मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता विधायकों को विपक्ष के हमलों का जवाब देने और विधेयक के पक्ष में मजबूती से तथ्य रखने का प्रशिक्षण देंगे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के निवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी। इसमें सरकार को घेरने के लिए उन बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी, जहां कांग्रेस को लगता है कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रही है।
कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह सदन में आक्रामक रुख अपनाएगी। पार्टी का मुख्य आरोप है कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को संशोधन और परिसीमन जैसी शर्तों के नाम पर जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा सरकार संविधान के खिलाफ कदम उठाकर महिला आरक्षण को टालने की कोशिश कर रही है। यदि सरकार मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर ही तत्काल आरक्षण लागू करने का निर्णय लेती है, तो हम समर्थन को तैयार हैं। भाजपा और आरएसएस महिलाओं का इस्तेमाल केवल सत्ता पाने के साधन के रूप में कर रहे हैं।