नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर घेरा, कहा कांग्रेस की पीढ़ियों ने छीने महिलाओं के हक
भोपाल। राजधानी की सड़कों पर रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का एक अलग और आत्मीय अंदाज देखने को मिला। मुख्यमंत्री अचानक वीआईपी रोड स्थित एक रेस्टोरेंट पहुंचे, जहां उन्होंने न केवल आम नागरिकों के साथ बैठकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुना, बल्कि चाय की चुस्कियों के साथ लोगों से सीधा संवाद भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए उसे महिला विरोधी करार दिया।
मुख्यमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से ही कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने महिलाओं के सशक्तिकरण में बाधाएं उत्पन्न की हैं। डॉ. यादव ने सीधे तौर पर नेहरू-गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि जवाहरलाल नेहरू से लेकर राहुल और प्रियंका गांधी तक, कांग्रेस की हर पीढ़ी ने महिलाओं के अधिकारों को लेकर नकारात्मक रवैया अपनाया। जिस 33 प्रतिशत आरक्षण को प्रधानमंत्री मोदी ने हकीकत बनाया, उसे रोकने के लिए कांग्रेस ने दशकों तक प्रयास किए। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि इस मुद्दे को आगामी विधानसभा सत्र में भी मजबूती से उठाया जाएगा ताकि जनता के सामने कांग्रेस का असली चेहरा आ सके। रेस्टोरेंट में मुख्यमंत्री को अपने इतने करीब पाकर वहां मौजूद युवा और नागरिक काफी उत्साहित नजर आए। मुख्यमंत्री ने युवाओं से उनके करियर और शहर के विकास को लेकर भी अनौपचारिक चर्चा की।
जल गंगा संवर्धन अभियान के दिख रहे नतीजे
प्रदेश में पर्यावरण और जल स्रोतों को लेकर चल रहे प्रयासों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में लगातार तीसरे साल जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत पारंपरिक जल स्रोतों जैसे कुएं और बावड़ियों को पुनर्जीवित किया जा रहा है। नदियों और तालाबों की साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अभियान के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर नजर आने लगे हैं।
गेहूं के साथ अब चना-मसूर की भी खरीदी
किसानों के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए कटिबद्ध है। इसी कड़ी में अब गेहूं के साथ-साथ चना और मसूर की सरकारी खरीदी भी सुचारू रूप से की जा रही है, ताकि बिचौलियों से बचकर किसानों को सीधा लाभ मिल सके।