भाजपा ने रविवार को आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) की प्रायोजित "सियासी योजना" थी। भाजपा ने वायरल वीडियो में पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर उन पर निशाना साधा।
भाजपा आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पर दावा किया कि प्रदर्शन का शिक्षा सुधार या नीट पेपर लीक मामले से कोई लेना-देना नहीं था। मालवीय ने वह वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें अरविंद केजरीवाल हिंदी में कहते सुनाई दे रहे हैं, "इस बार जितने लोग आए थे सड़कों पर, वो किस लिए आए थे? वो केवल मुझे नहीं लगता कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने आए थे। मतलब अगर मैं अशिष्ट भाषा में बोलूं, तो मोदी जी को ठोकने आए थे।"
केजरीवाल का प्रिय प्रोजेक्ट था सीजेपी का प्रदर्शन :भाजपा
अमित मालवीय द्वारा शेयर किए गए वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि अमर उजाला नहीं करता है। भाजपा के आरोपों पर आप या केजरीवाल की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। भाजपा के कई नेताओं ने भी पीएम मोदी पर केजरीवाल की कथित टिप्पणी की निंदा की। इनमें पार्टी की दिल्ली इकाई के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा भी शामिल हैं।
भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "केजरीवाल ने आखिरकार अपने प्रिय प्रोजेक्ट- कॉकरोच जनता पार्टी को उजागर कर दिया है। एजेंडा कभी जवाबदेही या शिक्षा सुधार नहीं था। पहले दिन से इसका एक ही मकसद था: प्रधानमंत्री मोदी को निशाना बनाना।" दीपके के AAP से संबंधों पर क्या बोले अमित मालवीय?
वहीं, मालवीय ने आरोप लगाया कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर लिया है कि छात्रों के नाम पर जंतर-मंतर पर किया गया प्रदर्शन प्रधानमंत्री को निशाना बनाने वाला प्रायोजित राजनीतिक प्रोजेक्ट था। इसका शिक्षा सुधार या नीट से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने कहा कि यह हमेशा से स्पष्ट था कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके और "उनके गिरोह" के आप से गहरे संबंध थे। मालवीय ने दावा किया, "लेकिन प्रदर्शन के बाद कॉकरोच बेकाबू हो गए, उन्होंने अरविंद के फोन उठाने बंद कर दिए और असुरक्षित केजरीवाल को विरोध प्रदर्शनों के असली मकसद की सच्चाई सामने लाने पर मजबूर कर दिया।" उन्होंने आगे कहा, "आपके बच्चों का इस्तेमाल आप और कांग्रेस के राजनीतिक एजेंडे के लिए मोहरा बनाकर किया गया। इसे कभी मत भूलिए। उन्हें चोट लग सकती थी, हिंसा में फंस सकते थे या उनकी जिंदगी बर्बाद हो सकती थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, कानून-व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियों के बेहतरीन संयम के कारण।" मालवीय ने उन लोगों को भी बेनकाब करने की मांग की, जिन्होंने प्रदर्शन का नेतृत्व करने का दिखावा किया, लेकिन सही समय पर खुद को और अपने प्रायोजकों को बचाने के लिए इससे अलग हो गए। उन्होंने इनमें राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल का नाम लिया।
स्वाति मालीवाल बोलीं- पीएम मोदी की हत्या पर मजाक कर रहे थे केजरीवाल
भाजपा की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने भी केजरीवाल की कथित टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल के आंदोलन को "हाइजैक कर राजनीतिक अवसर" में बदलने का फैसला करने तक छात्र शांतिपूर्वक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। मालीवाल ने एक्स पर केजरीवाल के कथित वीडियो का हवाला देते हुए कहा, "अरविंद केजरीवाल एक इंटरव्यू में कहते हैं: 'जो लोग सड़क पर आए थे, वो मोदी जी को ठोकने आए थे।' यह कैसी भाषा है? वह भारत के तीन बार चुने गए प्रधानमंत्री की हत्या की योजनाओं के बारे में इतने सहज तरीके से मजाक कर रहे हैं। क्या उन्हें पता भी है कि वह क्या कह रहे हैं?"
भाजपा सांसद ने आगे कहा, "पहले उन्होंने सीजेपी की स्थापना की, उसे फंड दिया और निर्देशित किया, फिर छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को हाइजैक किया और उसे हिंसक बनाने की कोशिश की, जैसा बांग्लादेश और नेपाल में हुआ। उनकी तानाशाही प्रवृत्तियां खुले तौर पर सामने आ गई हैं और यह साफ है कि सत्ता हासिल करने के लिए वह कुछ भी कर सकते हैं। ऐसे लोग लोकतंत्र के लिए खतरा हैं।"
भाजपा के किन नेताओं ने साधा निशाना?
दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने प्रधानमंत्री के बारे में "माओवादी शैली की भाषा" इस्तेमाल करने को लेकर केजरीवाल की आलोचना की। मिश्रा ने एक्स पर कहा, "यह किसी 'क्रांतिकारी विद्रोह' का प्रतीक नहीं है, बल्कि उनकी नैतिक और भाषाई दिवालियापन की आखिरी, हताश पुकार है।"
भाजपा नेता वीरेंद्र सचदेवा ने भी केजरीवाल की कथित टिप्पणी की निंदा की और कहा कि यह उनकी मानसिक स्थिति को दर्शाती है। दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ने पीटीआई वीडियो से कहा, "वह पागल हो गए हैं।" उन्होंने कहा, "दिल्ली की जनता ने उन्हें करारा जवाब दिया है। उन्होंने उनके भ्रष्टाचार का भी जवाब दिया है। और जिस तरह वह पंजाब की जनता के टैक्स के पैसे को अपनी पार्टी को पालने के लिए लूट रहे हैं, पंजाब की जनता भी उन्हें करारा जवाब देगी।"