झारखंड में जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत हुई। बैठक के बाद छात्र नेताओं ने कहा कि सरकार ने परीक्षा रद्द करने की उनकी मांग मान ली है, लेकिन जब तक पूरे मामले की CBI जांच की घोषणा नहीं होती, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा।
परीक्षा रद्द करने की मांग मानी, लेकिन सीबीआई जांच पर अड़ गए छात्र
छात्र नेताओं ने कहा कि जेपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग को सरकार ने स्वीकार कर लिया है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में अब सीबीआई जांच भी शामिल है। छात्रों का कहना है कि केवल परीक्षा रद्द करने से मामला खत्म नहीं होगा। वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं और इसके लिए सीबीआई जांच की घोषणा की मांग कर रहे हैं।
10 अगस्त को विधानसभा मार्च का एलान
छात्र नेताओं ने साफ किया कि सीबीआई जांच की घोषणा होने तक वे किसी तरह का समझौता करने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा तक मार्च निकालने का एलान भी किया है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, जब तक उनकी सभी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार सीबीआई जांच की करेगी सिफारिश
बैठक के बाद उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार छात्रों के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है। उन्होंने बताया कि JPSC परीक्षाओं में वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए सरकार प्रवर्तन निदेशालय से जांच की सिफारिश करेगी।
अब आंदोलन वापस लेने का फैसला छात्रों पर
मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार ने छात्रों के साथ बातचीत के दौरान उनकी मांगों और मुद्दों को सुना है। उन्होंने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही है और अब आंदोलन वापस लेना है या नहीं, इसका फैसला छात्रों को करना है।