पूर्व RTO आरक्षक सौरभ शर्मा की काली कमाई का दुबई कनेक्शन! 150 करोड़ के विला पर लोकायुक्त फिर करेगा पड़ताल

By Digital Desk Edited By: Ravindra Soni  Updated: Sun, 09 Aug 2026 08:15 PM (IST)

मध्य प्रदेश के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की दुबई में कथित 150 करोड़ की संपत्ति का मामला फिर जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है, लोकायुक्त संगठन इसकी दोब ...और पढ़ें

पूर्व आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा (फाइल फोटो)

पूर्व आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा (फाइल फोटो)

HighLights

  1. दुबई में 150 करोड़ के विला की फिर जांच।

  2. लोकायुक्त एमआर ग्रुप से दोबारा जानकारी मांगेगा।

  3. सितंबर अंत तक चालान पेश करने की तैयारी।                                                                         राज ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की दुबई संपत्ति का मामला एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। 100 करोड़ रुपये से अधिक की कथित बेहिसाब संपत्ति के मामले में लोकायुक्त संगठन अब दुबई में उसकी संपत्ति होने के दावे की दोबारा पड़ताल करेगा। कोर्ट में चालान पेश करने से पहले लोकायुक्त पुलिस सौरभ के नाम के साथ-साथ उसके कथित बेनामी नेटवर्क से जुड़ी संपत्तियों की भी बारीकी से जां करही है।                        शिकायत में 150 करोड़ के विला का किया गया था दावा                                                                          सौरभ शर्मा के खिलाफ लोकायुक्त संगठन में शिकायत करने वाले व्यक्ति ने दावा किया था कि दुबई में सौरभ के नाम पर एमआर ग्रुप से खरीदा गया करीब 150 करोड़ रुपये का एक विला है। हालांकि, सौरभ और उसके करीबियों के ठकानों पर हुई छापेमारी के दौरान इस संपत्ति से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिला थ                                               पूछताछ के दौरान सौरभ शर्मा या उसके करीबी रिश्तेदारों ने भी दुबई में संपत्ति होने की बात स्वीकार नहीं की। इसके बावजूद शिकायत में बताए गए अन्य संपत्ति संबंधी विवरणों में से अधिकांश के सही पाए जाने के कारण लोकायुक्त इस दावे को पूरी तरह खारिज करने के बजाय इसकी दोबारा पुष्टि करना चाहता है।                                                            एमआर ग्रुप से फिर मांगी जाएगी संपत्ति की जानकारी                                                                                    लोकायुक्त पुलिस अब दुबई के एमआर ग्रुप को दोबारा पत्र भेजकर जानकारी लेने की तैयारी कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाएगी कि सौरभ शर्मा या कथित तौर पर उसकी काली कमाई को निवेश और संपत्तियों में लगाने में मिल 15 से अधिक संदिग्ध लोगों में से किसी ने एमआर ग्रुप के माध्यम से दुबई में कोई प्रापर्टी खरीदी है या नहीं।      जांच के दौरान यह भी सामने आया था कि सौरभ शर्मा का दुबई आना-जाना रहा है। 19 दिसंबर 2024 को लोकायुक्त पुलिस ने जब सौरभ और उसके सहयोगियों से जुड़े ठिकानों पर छापे मारे थे, उस समय उसके स्वजन ने भी बताया था कि वह अपनी पत्नी के साथ दुबई गया हुआ है।                                                                                                                52 किलो सोना और करोड़ों नकदी मिलने से मचा था हड़कंप                                                                     सौरभ शर्मा प्रकरण में जांच एजेंसियों को उस समय बड़ा सुराग मिला था, जब लोकायुक्त की कार्रवाई के अगले दिन आयकर विभाग की टीम ने भोपाल के मेंडोरी गांव में एक लावारिस कार से 52 किलो सोना और 11 करोड़ 60 लाख रुये नकद बरामद किए थे। यह कार सौरभ के कारोबारी सहयोगी चेतन गौर के नाम पर पंजीकृत थी।                                     जांच के दौरान बरामद सोने और नकदी को भी सौरभ शर्मा से जोड़कर देखा गया था। इसके बाद उसकी कथित बेनामी संपत्तियों और आर्थिक नेटवर्क की जांच का दायरा और बढ़ गया।                                                     सितंबर अंत तक चालान पेश करने की तैयारी                                                                                              लोकायुक्त संगठन अब सौरभ शर्मा के खिलाफ सितंबर के अंत तक कोर्ट में चालान पेश करने की तैयारी कर रहा है। इससे पहले जांच अधिकारी उसकी चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा दोबारा खंगाल रहे हैं।जांच एजेंसी के लिए शिकायत में बताए गए संपत्ति संबंधी विवरण अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि इनमें से अधिकांश जानकारियां जांच के दौरान सही पाई गई हैं। ऐसे में दुबई की कथित 150 करोड़ रुपये की संपत्ति के दावे की दोबारा जांच कर लोकायुक्त यह स्पष्ट करना चाहता है कि यह संपत्ति वास्तव में सौरभ या उसके कथित बेनामी नेटवर्क से जुड़ी है या नहीं।


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