24 घंटे में बदला MP का मौसम! डिंडोरी-रायसेन में मूसलाधार बारिश, जानिए 11 से 13 अगस्त के बीच क्यों जारी हुआ अलर्ट

Curated by: चैतन्य सोनी|नवभारतटाइम्स.कॉम9 Aug 2026, 6:02 pm IST

अगस्त के दूसरे सप्ताह में मानसून ने एमपी में फिर जोर पकड़ लिया है। बीते 24 घंटों में डिंडोरी और रायसेन समेत कई जिलों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई, जिससे नदी-नाले उफान पर आ गए। मौसम विभाग ने अब 11 से 13 अगस्त के बीच बंगाल की खाड़ी में बनने जा रहे नए सिस्टम को लेकर अलर्ट जारी किया है...

हाइलाइट्स

  • एमपी के 5 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
  • 9 से 13 अगस्त तक बारिश का दौर जारी
  • बजाग में 150 मिमी, उदयपुरा में 143 मिमी बारिश
MP Weather

एमपी के कई इलाकों में जोरदार बारिश का दौर शुरू हो गया है

भोपाल: मध्य प्रदेश में अगस्त के दूसरे सप्ताह में मानसून ने एक बार फिर जोरदार वापसी की है। 9 अगस्त 2026 की सुबह तक बीते 24 घंटों में डिंडोरी, अनूपपुर, नरसिंहपुर और रायसेन जिलों में बादल जमकर बरसे, जिससे नदी-नाले उफान पर आ गए। हालांकि, इस झमाझम बारिश के बावजूद प्रदेश के कई हिस्से—विशेषकर मालवा-निमाड़ और बुंदेलखंड के कुछ जिले, अब भी अच्छी बारिश के लिए तरस रहे हैं। रविवार से कुछ इलाकों में बादल मेहरबान हुए हैं।
मौसम विश्लेषकों के अनुसार, प्रदेश में बारिश का वितरण काफी असमान रहा है। जहां एक ओर डिंडोरी और रायसेन में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर कई जिलों में दैनिक वर्षा का आंकड़ा शून्य के करीब रहा।

कहां कितनी हुई बारिश?

बीते 24 घंटों में डिंडोरी के बजाग में सर्वाधिक 150 मिमी बारिश हुई। अमरकंटक में 130 मिमी, डिंडोरी AWS में 128.2 मिमी, गाडरवारा में 120 मिमी और समनापुर में 117 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं पश्चिमी MP के रायसेन के उदयपुरा में 143 मिमी, देवरी में 120.3 मिमी और पथारी में 94 मिमी बारिश हुई।

राजधानी भोपाल में बारिश का दौर शुरू

राजधानी भोपाल व आसपास के इलाके में बारिश का दौर शुरू हो गयाहै, जबकि बीते रोज हल्की से मध्यम बौछारें पड़ीं, बैरागढ़ में 17 मिम सागर में तेज हवाओं 35 किमी/घंटा के साथ बारिश दर्ज की गई। हालांकि रविवार को दोपहर बाद जोरदार बारिश का दौर शुरू हो गया है।

लो प्रेशर सिस्टम और मानसून ट्रफ का असर

उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के ऊपर सक्रिय लो प्रेशर एरिया ( Low Pressure Area ) तथा बीकानेर से ग्वालियर होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली मानसून ट्रफ के कारण वातावरण में भारी नमी बनी हुई है। इसी वजह से कई जिलों में गरज-चमक के साथ 30 से 44 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।

मूसलाधार बारिश के बावजूद औसत से कम बारिश

1 जून से 9 अगस्त तक सामान्य 560 मिमी के मुकाबले 453 मिमी बारिश ही हुई है, जो सामान्य से 19% कम है। बता दें कि पूर्वी MP में सामान्य से 20% कम (488.3 मिमी), पश्चिमी MP में सामान्य से 18% कम (425.8 मिमी) और रीवा में बारिश की कमी 58%, मैहर में 50%, टीकमगढ़ में 40%, सागर में 35% और जबलपुर में 33% तक बनी हुई है। हालांकि जल्द ही हालात बदल जाएंगे।

11 से 13 अगस्त के बीच बंगाल की खाड़ी से राहत की उम्मीद

मौसम विभाग के अनुसार, 11 अगस्त के आसपास उत्तर बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवाती परिसंचरण बनने जा रहा है, जो 13 अगस्त तक कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो सकता है। यदि यह सिस्टम मध्य भारत की ओर बढ़ता है, तो रीवा, सागर, जबलपुर और मालवा-निमाड़ के वर्षा-अभाव वाले क्षेत्रों में मानसून का घाटा तेजी से कम हो सकता है।

किसानों के लिए आईएमडी की सलाह

कृषि विशेषज्ञों ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों (डिंडोरी, नरसिंहपुर, रायसेन, विदिशा) के किसानों को सोयाबीन, मक्का, अरहर और उड़द की फसलों से अतिरिक्त पानी की निकासी का समुचित प्रबंध करने की सलाह दी है। जलभराव वाले खेतों में स्थिति सामान्य होने तक खाद व कीटनाशक छिड़काव रोकने का सुझाव दिया गया है।

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