MP News: 23 मई तक गेहूं खरीदी की बढ़ी तारीख, CM का उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण, किसानों से की बात

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Thu, 30 Apr 2026 10:46 AM IST
 

मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी में आ रही दिक्कतों के बीच सरकार ने किसानों को राहत देते हुए स्लॉट बुकिंग की तारीख 23 मई तक बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने व्यवस्थाओं में सुधार के लिए खरीदी क्षमता और सुविधाएं भी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, गुरुवार को मुख्यमंत्री खरगोन के उपार्जन केंद्र पर अचानक व्यवस्थाओं को देखने पहुंचे। 

MP News: Wheat procurement date extended to May 23, CM conducts surprise inspection of procurement center, tal

सीएम उपार्जन केंद्र पर तौल कांटे का निरीक्षण करते हुए - फोटो : अमर उजाल
मध्यप्रदेश में गेहूं उपार्जन व्यवस्था में आ रही दिक्कतों के बीच राज्य सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए अहम निर्णय लिए हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर उपज बेचने में हो रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि बढ़ाकर 23 मई कर दी है। इसके साथ ही खरीदी केंद्रों की क्षमता और सुविधाओं में भी इजाफा किया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि जिन किसानों को अब तक स्लॉट नहीं मिल पाया है, उन्हें अतिरिक्त समय दिया जा रहा है, ताकि वे अपनी फसल आसानी से बेच सकें। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी समयसीमा बढ़ाई गई थी, लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने के कारण दोबारा अवधि बढ़ानी पड़ी। 

MP News: Wheat procurement date extended to May 23, CM conducts surprise inspection of procurement center, tal

सीएम मोहन यादव बारदाना देखते हुए - फोटो : अमर उजाला
खरगोन में सीएम का औचक निरीक्षण
इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खरगोन जिले की मंडलेश्वर तहसील के कतरगांव स्थित उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद किसानों से बातचीत की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बताया गया कि महेश्वर प्रवास के दौरान वे अचानक केंद्र पहुंचे थे।

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सीएम उपार्जन केंद्र पर रिकॉर्ड की जांच करते हुए - फोटो : अमर उजाला
जिलों में बढ़ा रही तौल कांटों की संख्या 
मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के लिए उपार्जन केंद्रों पर छाया, बैठक और कई अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की है। अब किसान जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय कर सकते हैं। इतना ही नहीं, किसानों को गेहूं की तौल के लिए इंतजार नहीं करना पड़े इसके लिए उपार्जन केन्द्रों में तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है। सरकार जिलों में और भी तौल कांटे बढ़ा रही है। सरकार ने चमक विहीन गेहूं की सीमा भी 50 प्रतिशत कर दी है। सूकड़े दाने की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक की गई है। क्षतिग्रत दानों की सीमा बढ़ाकर 6 प्रतिशत तक की गई है। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिए बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, कूपन ,गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही हैं

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सीएम मोहन यादव किसानों से बातचीत करते हुए - फोटो : अमर उजाला
खरीदी क्षमता भी बढ़ी 
खरीदी प्रक्रिया को तेज करने के लिए एक केंद्र पर प्रतिदिन होने वाली गेहूं खरीदी की सीमा 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल कर दी गई है। जिलों को जरूरत के अनुसार इसे 3000 क्विंटल तक बढ़ाने का अधिकार भी दिया गया है, जिससे अधिक से अधिक किसानों की उपज समय पर खरीदी जा सके। 
अब तक इतने लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी
बता दें  कि अभी तक प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए 9.83 लाख किसानों द्वारा 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। प्रदेश में अभी तक 5 लाख 8 हजार 657 किसानों से 22 लाख 70 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। पिछले साल समर्थन मूल्य पर 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है।

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