उद्यानिकी फसलों के माध्यम से किसानों आज को बढ़ाया जाए

मुख्यमंत्री ने कहा फसलों की पूर्ति के लिए बाजार तलाशें, उद्यानिकी उत्पादों की भरपूर ब्रांडिग कर
भोपाल। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि उद्यानिकी फसलों के माध्यम से किसानों की वास्तविक आय बढ़ाई जाए। किसानों की आय वृद्धि और उनके जीवन में खुशहाली लाने के लिये योजनाबद्ध तरीके से उद्यानिकी फसलों और इनके जोत रकबे का साल-दर-साल विस्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी उद्यानिकी एवं मसाला फसलों की अंतर्राष्ट्रीय मांग बढ़ रही है। इसकी पूर्ति के लिए बाजार तलाशें, उद्यानिकी उत्पादों की भरपूर ब्रांडिग करें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मंत्रालय में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की योजनाओं और गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विभागीय संचालित योजनाओं की प्रगति और हितग्राहियों को लाभ प्रदाय पर चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि सिंहस्थ - 2028 के मद्देनजर उज्जैन में फूलों की खेती को प्रोत्साहन एवं विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए उज्जैन में सेंटर फॉर एक्सीलेंस फ्लोरीकल्चर की स्थापना की जा रही है। सेंटर स्थापना के लिए उज्जैन शहर के पास एक गांव में 19 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजकर समुचित समन्वय भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हर साल नये-नये आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं अस्पताल खोले जा रहे हैं। इनमें देशी, आयुर्वेदिक दवाईयों की आपूर्ति में प्रदेश की औषधीय फसलों एवं उप-उत्पादों का भरपूर उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि मसाला फसलों के उत्पादन में हम पूरे देश में पहले स्थान पर है। यह उपलब्धि हमें इस क्षेत्र में और भी बेहतर करने के लिए प्रेरित करती है।
प्रदेश में हो रही मखाना की खेती, बढ़ाएंगे रकबा

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में मखाना की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। मखाना क्षेत्र विस्तार योजना के तहत प्रदेश के 14 जिलों यथा नर्मदापुरम, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, कटनी, मंडला, डिंडोरी, रीवा, शहडोल, रायसेन, अनूपपुर, पन्ना एवं सतना में मखाना उत्पादन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मखाना उत्पादन का रकबा इस वर्ष बढ़ाकर 85.00 हैक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्र सरकार द्वारा मखाना उत्पादन की कुल परियोजना लागत (एक इकाई) पर 40 प्रतिशत तक की अनुदान सहायता दी जाती है।
40 नर्सरियां हो रहीं हाईटेक
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में प्रेसराईज इरीगेशन वाले जिलों में 15 हज़ार हैक्टेयर रकबे में सूक्ष्म सिंचाई क्षेत्र का विस्तार भी किया जा रहा है। दो स्मार्ट बीज फार्म का विकास, सागर में झिला फार्म एवं देवास में कन्नौद फार्म विकसित किया जा रहा है। उद्यानिकी विभाग के अधीन 40 नर्सरियों का उन्नयन कर इन्हें पूरी तरह से हाईटेक किया जा रहा है। धार जिले के बदनावर के समीप रूपाखेड़ा गांव में युवाओं द्वारा फूलों की खेती की जा रही है। यह गांव मध्यप्रदेश में स्विट्जरलैंड के किसी गांव की तरह फूलों की खेती में विशेष पहचान बना रहा है।
संतरा महोत्सव आयोजित करने के निर्देष
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इसी वर्ष जून माह में भोपाल में आम महोत्सव, जुलाई में खरगौन में मिर्च महोत्सव, सितंबर में बुरहानपुर में केला महोत्सव, अक्टूबर में इंदौर में सब्जी महोत्सव, नवंबर में ग्वालियर में अमरूद महोत्सव मनाया जाएगा। साथ ही दिसंबर में ग्वालियर में मधुमक्खी पालन व्यवसाय के प्रोत्साहन एवं जागरूकता के लिए एक कार्यशाला, सेमिनार भी आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को संतरा महोत्सव भी आयोजित करने के निर्देश दिए।
 
 

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