मध्य प्रदेश में जनगणना 2026-27 के तहत मकान स्वगणना का काम तेजी से चला। इसमें गुरुवार तक 5.81 लाख से अधिक परिवारों ने जानकारी दी। अब प्रशासन घर-घर जाकर सत्यापन करेगा और यह पूरा कार्य 30 मई तक पूरा किया जाएगा। प्रदेश में जनगणना 2026-27 के तहत मकान सूचीकरण और स्व-गणना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक प्रदेश के 5 लाख 81 हजार 152 से अधिक परिवारों ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कराई है। यह प्रक्रिया अभी जारी है और आने वाले दिनों में इसमें और बढ़ोतरी होने की संभावना है। प्रशासन ने अब अगले चरण की तैयारी शुरू कर दी है, जिसके तहत घर-घर जाकर सत्यापन और जानकारी जुटाने का काम किया जाएगा। जनगणना निदेशालय के अधिकारियों के अनुसार इस बड़े अभियान के लिए करीब 1 लाख 70 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें प्रमुख जनगणना अधिकारी, जिला स्तर के अधिकारी, चार्ज अधिकारी, मास्टर ट्रेनर, फील्ड ट्रेनर, प्रगणक और सुपरवाइजर शामिल हैं। पूरे प्रदेश को 1 लाख 37 हजार मकान सूचीकरण ब्लॉकों में बांटा गया है, ताकि हर घर तक पहुंचकर सटीक और व्यवस्थित जानकारी एकत्र की जा सके। यह पूरा कार्य 30 मई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
जनता की एकत्रित जानकारी रहेगी गोपनीय
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान एकत्र की गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी। जनगणना अधिनियम के अनुसार इन आंकड़ों का उपयोग टैक्स, पुलिस जांच या किसी कानूनी प्रक्रिया में नहीं किया जा सकता। इनका उपयोग केवल विकास योजनाओं और नीतिगत निर्णयों के लिए किया जाएगा।
33 सवालों के आधार पर डाटा होगा एकत्रित
इसी बीच भोपाल संभाग में भी जनगणना की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। संभागायुक्त संजीव सिंह ने बताया कि सभी जिलों में समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से जनगणना कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। भोपाल जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों प्रगणक तैनात किए गए हैं। यहां मकानों की जियो-टैगिंग, भवन संरचना, परिवार संख्या और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े 33 सवालों के आधार पर डेटा एकत्र किया जाएगा। प्रदेश के अन्य जिलों में भी अभियान तेजी से चल रहा है। रायसेन जिला स्व-गणना में प्रदेश में पहले स्थान पर पहुंच गया है, जहां 93 हजार से अधिक नागरिकों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। जागरूकता अभियान से कर रहे लोगों को जागरूक
वहीं राजगढ़, विदिशा और सीहोर जिलों में भी हजारों प्रगणक और सुपरवाइजर तैनात कर प्रशिक्षण पूरा कर लिया गया है। कई स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को स्व-गणना के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सही और पूरी जानकारी देकर इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में सहयोग करें, ताकि भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी और लाभकारी बनाई जा सकें।