दतिया उपचुनाव की संभावना को लेकर कांग्रेस ने कसी कमर, जमीनी स्तर पर शुरू की चुनावी जमावट

दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की संभावना को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। ...और पढ़ें

Publish Date: Thu, 30 Apr 2026 06:26:41 PM (IST)Updated Date: Thu, 30 Apr 2026 06:27:09 PM (IST)
दतिया उपचुनाव की संभावना को लेकर कांग्रेस ने कसी कमर, जमीनी स्तर पर शुरू की चुनावी जमावट

उपचुनाव की संभावना को लेकर कांग्रेस ने कसी कमर

HighLights

  1. राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त, उपचुनाव तय माना जा रहा
  2. कांग्रेस ने संगठन स्तर पर तैयारी शुरू की
  3. अवधेश नायक को उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की संभावना को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। दतिया से निर्वाचित कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की आर्थिक धोखाधड़ी के मामले में तीन साल की सजा के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो चुकी है।

उन्होंने विशेष न्यायालय के आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है, लेकिन फिलहाल उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को तय की गई है।

कांग्रेस ने शुरू की चुनावी रणनीति

उपचुनाव की संभावना को देखते हुए कांग्रेस संगठन ने जिला इकाई को तैयारी के निर्देश दिए हैं। मई के अंत तक पर्यवेक्षक की नियुक्ति भी की जाएगी और कार्यकर्ताओं के सम्मेलन जल्द शुरू होंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस इस सीट पर अवधेश नायक को उम्मीदवार बना सकती है।

पहले भी घोषित हो चुके हैं उम्मीदवार

विधानसभा चुनाव 2023 से पहले अवधेश नायक को कांग्रेस ने उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन स्थानीय विरोध के चलते बाद में टिकट बदलकर राजेंद्र भारती को चुनाव लड़ाया गया। भारती ने भाजपा के डॉ. नरोत्तम मिश्रा को हराया था। बताया जा रहा है कि इस जीत में अवधेश नायक की भी अहम भूमिका रही थी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का बयान

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि राजेंद्र भारती का मामला सत्ता के अहंकार का उदाहरण है। जनता सब देख और समझ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और भाजपा को कड़ा जवाब देगी।

अवधेश नायक का राजनीतिक सफर

अवधेश नायक दतिया विधानसभा क्षेत्र से पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं। उन्होंने भारतीय जनशक्ति पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। बाद में भाजपा में शामिल होकर वर्ष 2016 में मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के उपाध्यक्ष बने और उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा मिला। वर्ष 2018 और 2023 में टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया।


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