अमेरिका : अंधाधुंध गोलीबारी से दहली पेन्सिल्वेनिया, 9 लोगों की मौत, हमलावर ने खुद को भी उड़ाया

न्यूयॉर्क. अमेरिका के पेंसिल्वेनिया के एरी में हुई गोलीबारी में दो बच्चों समेत नौ लोगों की मौत हो गई. शनिवार (स्थानीय समय) की मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शुक्रवार शाम को पेरी स्ट्रीट पर पुलिस को बुलाया गया था. चश्मदीदों ने बताया था कि एक व्यक्ति ने घर में घुसने से पहले बंदूक से गोली चलाई थी.

रिपोर्ट के अनुसार, एरी न्यूज नाउ ने बताया कि सड़क पर दो महिलाओं के शव मिले और बाद में घर के अंदर भी कुछ और लोगों के शव पाए गए. पुलिस ने बताया कि संदिग्ध व्यक्ति भी मृत पाया गया, ऐसा लगता है कि उसने खुद को गोली मारी थी.

एरी शहर के अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि सभी नौ लोगों की मौत पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी. पुलिस के पहुंचने के बाद कोई और गोली नहीं चली. पुलिस ने अभी तक मारे गए लोगों की पहचान उजागर नहीं की है और न ही घटना के संभावित मकसद के बारे में कोई जानकारी दी है.

वहीं, कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में मिनेसोटा के एक 18 साल के युवक पर अमेरिका के सबसे बड़े शॉपिंग सेंटर मॉल ऑफ अमेरिका पर हमले की कथित साजिश के सिलसिले में हथियार से जुड़े अपराध का आरोप लगाया गया था. एफबीआई के हलफनामे में आरोप लगाया गया है कि शेखदून अब्दुल्लाही मोहम्मद ने इस्लामिक स्टेट के समर्थन में मॉल में गोलीबारी की योजना बनाई थी.

मिनेसोटा पब्लिक रेडियो की रिपोर्ट के मुताबिक, मोहम्मद सेंट पॉल में मिनेसोटा डिस्ट्रिक्ट के अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश हुआ. फॉक्स 9 के अनुसार, 19 अक्टूबर को शुरुआती सुनवाई तय की गई थी. मोहम्मद ने मंगलवार को कथित तौर पर एक अंडरकवर एफबीआई कर्मचारी को एके-47 राइफल, चार मैगजीन और लगभग 200 राउंड गोला-बारूद के लिए 600 अमेरिकी डॉलर दिए. हलफनामे के अनुसार, सामान लेकर कर्मचारी की गाड़ी से उतरने के कुछ ही देर बाद एजेंटों ने उसे गिरफ्तार कर लिया. दस्तावेजों के अनुसार, लेनदेन से पहले सुरक्षा के लिहाज से राइफल को बेकार कर दिया गया था जबकि गोला-बारूद असली था.

हलफनामे में आरोप लगाया गया है कि मोहम्मद को पता था या उसके पास यह मानने का उचित कारण था कि हथियार और गोला-बारूद का इस्तेमाल किसी गंभीर अपराध और आतंकवाद के फेडरल अपराध को अंजाम देने के लिए किया जाएगा. हलफनामे के मुताबिक, एफबीआई ने दिसंबर 2024 में मोहम्मद की जांच शुरू की. हलफनामे में कहा गया है कि उसने सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए एक गुप्त सूत्र (कॉन्फिडेंशियल सोर्स) के साथ सैकड़ों मैसेज का आदान-प्रदान किया.

जुलाई में मोहम्मद ने कथित तौर पर मॉल में गोलीबारी करने के बारे में बात की और कहा कि वह 30 से 60 लोगों की जान ले सकता है. हलफनामे के अनुसार, सितंबर में उसने हमले के लिए 24 अक्टूबर की तारीख तय की और उस सूत्र को मॉल में होने वाले ह्मोंग आर्ट्स सेलिब्रेशन का लिंक भेजा. मिनेसोटा पब्लिक रेडियो की एक रिपोर्ट के अनुसार, मॉल ने कहा कि वहां सुरक्षा के कई स्तर हैं और वह कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा.


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