भोपाल। राजधानी भोपाल में मानदेय और खाद्यान्न भुगतान न मिलने से नाराज स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और रसोइयों ने उग्र प्रदर्शन किया। कई जिलों से आईं महिलाओं ने लिंक रोड नंबर-1 स्थित केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आवास के बाहर इकट्ठा होकर जमकर नारेबाजी की।
महिलाओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगी। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने का भी प्रयास किया, जिसके कारण कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि उन्हें पिछले चार महीनों (जून महीने के बाद से) से न तो मानदेय मिला है और न ही खाद्यान्न के लिए तय राशि जारी की गई है। सरकारी प्रावधानों के अनुसार, प्रति रसोइया 4,000 रुपये प्रतिमाह और बच्चों के भोजन के लिए 6.50 रुपये प्रति बच्चा प्रतिदिन की दर से राशि दी जाती है, जो महीनों से लंबित है।
सीएम राइज स्कूलों के मर्जर से रोजगार पर संकट
महिलाओं का यह भी आरोप है कि सीएम राइज स्कूलों में छोटे सरकारी स्कूलों के विलय (मर्जर) के कारण कई रसोइयों की नौकरियां खतरे में पड़ गई हैं। मानदेय और रसद समय पर न मिलने से उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग
इससे पहले भोपाल में आयोजित ‘राइट टू फूड’ (भोजन का अधिकार) सम्मेलन में देश भर की आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और रसोइयों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने तथा सुरक्षित और पक्की नौकरी की मांग उठाई जा चुकी है। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।