'सोनम वांगचुक के सब्र की परीक्षा न लें': अन्ना हजारे बोले- उनसे बातचीत करने में क्या गलत; सरकार को दी ये सलाह

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Devesh Tripathi Updated Sat, 18 Jul 2026 07:00 PM IS

जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की कार्रवाई पर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। इस मुद्दे पर राहुल गांधी और कांग्रेस ने भी सरकार की आलोचना करते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

Anna Hazare says Centre govt should hold talks with sonam Wangchuk Rahul Gandhi Kejriwal support hunger strike

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

दिल्ली पुलिस ने शनिवार को जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को प्रदर्शनस्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। इस मामले पर अब सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने प्रतिक्रिया दी है। अन्ना हजारे ने कहा कि केंद्र सरकार को शिक्षाविद् सोनम वांगचुक से बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, "सरकार को उनकी सीमाओं की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। उनकी मांगों पर हां या ना कहें, लेकिन बातचीत करने में क्या गलत है।"
यह बयान ऐसे समय आया है, जब सोनम वांगचुक नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें शनिवार को जंतर-मंतर से एक सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया था। यह उनकी भूख हड़ताल का 21वां दिन था।
राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साध कर क्या कहा?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से पुलिस द्वारा हटाए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार के मूल सिद्धांत "असत्य और हिंसा" हैं। कांग्रेस सांसद ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा कि सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उस समय हटाया जाना गलत है, जब वह अहिंसक भूख हड़ताल पर बैठे थे।
राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या जैसे मुद्दे भारत के भविष्य से जुड़े गंभीर विषय हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, "कितना भी बल प्रयोग कर लिया जाए, भारत के छात्रों और उन लोगों को, जो उनसे प्रेम करते हैं और उन पर विश्वास रखते हैं, इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोका जा सकता।"
वांगचुक को हटाने पर क्या बोली दिल्ली पुलिस?
नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन शर्मा ने कहा कि वांगचुक की तबीयत खराब होने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की, जिससे थोड़ी देर के लिए हंगामा हुआ। हालांकि, पुलिस ने अधिकतम संयम बरतते हुए पूरी कार्रवाई शांतिपूर्वक पूरी की।
कांग्रेस ने घटना को बताया- लोकतंत्र और संविधान पर कलंक
कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर पुलिस की कार्रवाई की भी आलोचना की। पार्टी ने कहा कि वांगचुक को वहां से हटाने की घटना देश के लोकतंत्र और संविधान पर एक "कलंक" है। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को प्रदर्शनस्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। पुलिस ने इसे लेकर कहा है कि उसने दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया है।
अन्ना हजारे ने हिला दी थी यूपीए सरकार
2011 में लोकपाल अधिनियम के लिए दिल्ली में अन्ना हजारे द्वारा की गई भूख हड़ताल ने तत्कालीन यूपीए सरकार को हिला दिया था। इस बार हजारे ने वांगचुक के मुद्दे पर सरकार से सीधी बातचीत का आह्वान किया है, जो युवाओं और शिक्षा प्रणाली से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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