
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने आज 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। विजेताओं के नाम से पर्दा उठ चुका है। साल 2024 में रिलीज फिल्मों और शानदार परफॉर्मेंस के लिए यह पुरस्कार प्रदान किए जाने हैं। बता दें कि पुरस्कारों का एलान करीब दो हफ्ते की देरी से हुआ है। जानिए फीचर फिल्म्स और नॉन-फीचर फिल्म्स श्रेणी में किसकी झोली में अवॉर्ड आए हैं....
बेस्ट डॉक्यूमेंट्री
नॉन-फीचर फिल्म्स में बेस्ट डॉक्यूमेंट्री का अवॉर्ड 'राम-नामी' (हिंदी) को दिया गया है।
नॉन फीचर फिल्म्स में बेस्ट आर्ट्स/कल्चर फिल्म
'मैं निदा' (हिंदी)
बेस्ट नॉन-फीचर फिल्म
बेस्ट नॉन-फीचर फिल्म प्रमोटिंग सोशल एंड एनवायरनमेंट वैल्यूज का अवॉर्ड 'पिपलांतरी- ए टेल ऑफ इको फेमिनिज्म' (हिंदी, राजस्थानी और इंग्लिश) को मिला है।
बेस्ट एनिमेशन फिल्म
नॉन फीचर फिल्म्स में बेस्ट एनिमेशन फिल्म का अवॉर्ड 'टच्ड एज वाटर' (साइलेंट) को मिला है। इसे जेबी प्रोडक्शंस ने बनाया है। जोशी बेनेडिक्ट ने इसका निर्देशन किया है।
आनंद एल राय को अवॉर्ड
नॉन फीचर फिल्म्स में बेस्ट डायरेक्शन का अवॉर्ड 'स्टेचू ऑफ यूनिटी-एकता का प्रतीक' (हिंदी) के लिए डायरेक्टर आनंद एल राय को मिला है।
बेस्ट शॉर्ट फिल्म
नॉन फीचर फिल्म्स में बेस्ट शॉर्ट फिल्म का अवॉर्ड मराठी मूवी 'हमसफर' को मिला है।
बेस्ट एडिटिंग
नॉन-फीचर फिल्म्स में बेस्ट एडिटिंग का अवॉर्ड 'एनडीए' (हिंदी) के लिए एडिटर मानवीर जसरोतिया को मिला है। वहीं, बेस्ट साउंड डिजाइन का पुरस्कार 'ब्लू' (तमिल) के लिए साउंड डिजाइनर टीएस हरीहर सुधन को मिला है। नॉन फीचर फिल्म्स में बेस्ट सिनेमैटोग्राफी का अवॉर्ड 'लाइफ इन लूम' (तमिल, इंग्लिश, हिंदी, असमिया और बंगाली) के लिए एंडमंड रैनसम को मिला है।
बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन
नॉन-फीचर फिल्म्स में बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन का अवॉर्ड 'ऑन द ट्रेल 41 डिग्री' (मराठी) के लिए म्यूजिक डायरेक्टर शिवपाल सिंह कांग को मिला है।
बेस्ट स्क्रिप्ट के लिए
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में साल 2024 की नॉन फीचर फिल्म में बेस्ट स्क्रिप्ट के लिए फराज अली को अवॉर्ड मिला है। उन्हें हिंदी-कश्मीरी शॉर्ट फिल्म 'ओबूर' (Obur) के लिए यह अवॉर्ड दिया गया है।
बेस्ट नैरेटर/ वॉइस ओवर
नॉन-फीचर फिल्म्स में बेस्ट नैरेटर/ वॉइस ओवर के लिए 'लिटिल प्लैनेट-ए टेल ऑफ फ्रॉग्स' (इंग्लिश) के लिए सौंदर्य चयचंद्रन को अवॉर्ड मिला है।
बेस्ट राइटिंग
बेस्ट राइटिंग ऑन सिनेमा के लिए बेस्ट फिल्म क्रिटिक का अवॉर्ड संजीव श्रीवास्तव को (हिंदी) मिला है। नॉन-फीचर फिल्म की श्रेणी में स्पेशल मेंशन 'चोला डोरा और सुई' (हिंदी) को मिला है। इसे जयमिन मोदी और लोकेश घई ने निर्देशित किया है। दूसरा स्पेशल मेंशन 'भद्र काली नटकम' को मिला है। यह मलयालम फिल्म है। इसका निर्देशन आनंद ज्योति ने किया है।
क्या बोले फिल्म निर्माता जयराज?
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की घोषणा करते हुए जूरी सदस्य और मलयालम फिल्ममेकर जयराज ने कहा, '34 भाषाओं (जिनमें शेड्यूल और नॉन-शेड्यूल भाषाएं शामिल हैं) की लगभग 400 फीचर फिल्मों पर विचार किया गया। यह एक बहुत बड़ा काम था, क्योंकि कई युवा फिल्ममेकर्स ने अलग-अलग प्रयोग किए और नई सोच के साथ फिल्में बनाईं। यह काफी व्यस्त काम था, लेकिन मेरा मानना है कि हमने सही फैसले किए हैं। 'स्पेशल मेंशन' तमिल ऱिल्म 'मेइयाजगन' को दिया गया है। फिल्म की सधी हुई और नैचुरल साउंड मिक्सिंग को सराहा गया है, जिसमें आज के जमाने के शोर-शराबे वाले साउंड के बजाय सादगी और गहराई पर ध्यान दिया गया है। यह अवॉर्ड साउंड मिक्सिंग इंजीनियर सुरेन जी को दिया गया है।
उन्होंने कहा कि एक और 'स्पेशल मेंशन' तमिल फिल्म 'कैप्टन मिलर' को मिला है। एक्टर धनुष को एक पूरे दौर को अपने कंधों पर उठाने और औपनिवेशिक दौर के विद्रोही के किरदार को शानदार तरीके से निभाने के लिए सराहा गया है। 'बेस्ट तुलु ऱिल्म' का अवॉर्ड 'इंबू' को दिया गया है, जिसमें पारंपरिक जीवनशैली और आधुनिक टेक्नोलॉजी के टकराव का एक प्राचीन कला के मासूम कलाकार पर पड़ने वाले असर को बहुत प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया है। यह अवॉर्ड प्रोड्यूसर पिक्चर्स स्टूडियो और डायरेक्टर शिवध्वज शेट्टी को दिया गया है'।