Lok Sabha: उद्धव गुट को बड़ा झटका, शिंदे गुट में बागी सांसदों के विलय को मंजूरी; टीएमसी के MPs बैठेंगे अलग

एएनआई, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Sat, 18 Jul 2026 07:44 PM IST

लोकसभा अध्यक्ष ने टीएमसी और शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसदों की स्थिति पर फैसला लिया है। लोकसभा सचिवालय की तरफ से जारी सर्कुलर के अनुसार, शिंदे गुट में उद्धव गुट के छह बागी सांसदों के विलय को मंजूरी मिल गई है, जबकि तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसद सदन में अलग बैठेंगे।

Lok Sabha Secretariat has approved merger of six rebel MPs from Uddhav faction with Shinde Shiv Sena, TMC, DMK

शिंदे गुट की बढ़ी ताकत, अलग बैठेंगे टीएमसी के सांसद - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के बागी सांसदों की स्थिति को लेकर बड़ा फैसला आ चुका है। इस कड़ी में महाराष्ट्र की शिवसेना यूबीटी को बड़ा झटका लगा है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में उद्धव गुट के छह सांसदों के विलय को लोकसभा सचिवालय ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत शिवसेना यूबीटी के सांसद रहे संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश बापुराव पाटिल अष्टीकर अब शिंदे गुट के सांसद हो गए हैं।

लोकसभा में दलों की ताजा स्थिति

लोकसभा में कुल 542 सदस्य (नामित एंग्लो-इंडियन सीट को छोड़कर) हैं। सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) है, जिसके 239 सांसद हैं और इसके नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। दूसरे स्थान पर कांग्रेस है, जिसके 98 सांसद हैं और नेता राहुल गांधी हैं। समाजवादी पार्टी 37 सांसदों के साथ तीसरे स्थान पर है। तृणमूल कांग्रेस के 28, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के 22, तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के 16, शिवसेना (एकनाथ शिंदे) के 13 और जनता दल (यूनाइटेड) के 12 सांसद हैं।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के आठ, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के पांच, जबकि माकपा, राष्ट्रीय जनता दल और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के चार-चार सांसद हैं। आम आदमी पार्टी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, झारखंड मुक्ति मोर्चा और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के तीन-तीन सांसद हैं। सीपीआई, सीपीआई (एमएल), नेशनल कॉन्फ्रेंस, जनसेना, जेडी (सेक्युलर), राष्ट्रीय लोकदल और वीसीके के दो-दो सांसद हैं। इसके अलावा 16 अन्य दलों का एक-एक सांसद है। सदन में सात निर्दलीय सांसद भी हैं। वर्तमान में तीन सीटें रिक्त हैं। सूची के अनुसार 20 सांसदों को उनके अनुरोध पर अलग बैठने की व्यवस्था दी गई है।


डीएमके ने अलग सीट की मांग की
उधर, द्रविड़ मुनेत्र कझगम (डीएमके) ने कांग्रेस से अलग बैठने के लिए लोकसभा में अलग सीट आवंटित करने की मांग की है। तमिलनाडु में चुनाव के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों के कारण कांग्रेस ने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के साथ हाथ मिला लिया है, जिसके बाद डीएमके और कांग्रेस के रिश्तों में दूरी आ गई है।

किरेन रिजिजू ने सुदीप बंद्योपाध्याय को लिखा पत्र
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने टीएमसी के बागी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय को पत्र लिखा है। सुदीप बंद्योपाध्याय उन 20 बागी टीएमसी सांसदों में से एक हैं जो 'नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' (एनसीपीआई) में शामिल हुए थे। रिजिजू ने लिखा, 'मुझे आपको लोकसभा/राज्यसभा में राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक में आमंत्रित करते हुए खुशी हो रही है। इस बैठक में संसद के आगामी मॉनसून सत्र के दौरान सदनों में आने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों और विधायी कामकाज पर चर्चा की जाएगी। मैं संसद के दोनों सदनों के सुचारू कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए आपका सहयोग चाहूंगा। यह बैठक रविवार, 19 जुलाई 2026 को सुबह 11:00 बजे मुख्य समिति कक्ष, संसद भवन एनेक्सी, नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी। मैं आपकी भागीदारी की प्रतीक्षा करूंगा और आपसे तथा आपकी पार्टी के नामित चीफ व्हिप डॉ. काकोली घोष दस्तीदार से अनुरोध करूंगा कि कृपया बैठक में शामिल होने का कष्ट करें'।


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