बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से जुड़े तीन बी.एड. कॉलेजों में गड़बड़ियों की खबर सामने आने के बाद शिक्षा मंत्रालय ने मामले की जांच शुरू कर दी है। टीवी रिपोर्ट में बताया गया था कि कुछ कॉलेज अपने बताए गए पते पर नहीं चल रहे हैं और वहां जरूरी सुविधाएं भी नहीं हैं।
चूंकि इन शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को मान्यता एवं विनियमन राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा किया जाता है, इसलिए शिक्षा मंत्रालय ने मामले की तथ्यात्मक जांच के लिए 15 जुलाई को एनसीटीई से रिपोर्ट मांगी थी। एनसीटीई ने अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी है।
मामले की स्वतंत्र जांच के लिए शिक्षा मंत्रालय ने एक तथ्य जांच एवं सत्यापन समिति का गठन किया है। समिति में शिक्षा मंत्रालय, मध्य प्रदेश शासन और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। समिति की अध्यक्षता एक पूर्व कुलपति एवं शिक्षा प्रशासक कर रहे हैं।
समिति 17 जुलाई 2026 को भोपाल पहुंची और संबंधित कॉलेजों का भौतिक निरीक्षण शुरू कर दिया है। निरीक्षण के दौरान जियो-टैग्ड फोटो एवं वीडियो के माध्यम से संस्थानों का सत्यापन किया जा रहा है। साथ ही, कॉलेजों के दस्तावेजों और अभिलेखों का मिलान कर यह देखा जा रहा है कि वे एनसीटीई अधिनियम, 1993 तथा निर्धारित मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि जिन परिसरों में तीन कॉलेज संचालित बताए गए थे, वहां एक अन्य कॉलेज भी संचालित हो रहा है। इसके बाद समिति ने कुल चार कॉलेजों का निरीक्षण शुरू किया है।
शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी संस्थान द्वारा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।