Bhopal: 32 हजार संविदाकर्मियों की हड़ताल जारी, मांगें पूरी न होने पर 8 जून को सीएम हाउस घेराव की चेतावनी

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत प्रदेश के करीब 32 हजार संविदाकर्मियों की हड़ताल लगातार जारी है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारी ...और पढ़ें

Publish Date: Wed, 03 Jun 2026 10:49:00 PM (IST)Updated Date: Wed, 03 Jun 2026 10:49:00 PM (IST)
Bhopal: 32 हजार संविदाकर्मियों की हड़ताल जारी, मांगें पूरी न होने पर 8 जून को सीएम हाउस घेराव की चेतावनी

Bhopal: 32 हजार संविदाकर्मियों की हड़ताल जारी (AI Generated Image)

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत प्रदेश के करीब 32 हजार संविदाकर्मियों की हड़ताल लगातार जारी है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारी प्रदेशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार को भोपाल स्थित जेपी अस्पताल के बाहर भी संविदाकर्मियों ने धरना देकर शासन के खिलाफ विरोध जताया। संविदाकर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आठ जून को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।

2023 की संविदा नीति लागू न होने का आरोप

कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। संविदाकर्मी नेता राकेश मिश्रा ने बताया कि प्रदेश के सभी 52 जिलों में हड़ताल जारी है। उनका आरोप है कि वर्ष 2023 में बनाई गई संविदा नीति को प्रशासन द्वारा प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया जा रहा है। इसी के विरोध में कर्मचारी अलग-अलग तरीकों से अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।

25 मई से हड़ताल पर हैं कर्मचारी, आंदोलन तेज करने की तैयारी

संविदाकर्मी कामिनी मेहरा ने बताया कि कर्मचारी 25 मई से हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में संविदा कर्मचारियों के हित में नीति बनाई गई थी, लेकिन उसके बाद उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब कर्मचारी आंदोलन को और तेज करने की तैयारी कर रहे हैं।

हड़ताल के दौरान कई स्थानों पर संविदाकर्मी श्रमदान और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी उपयोगिता भी बता रहे हैं। वहीं, कुछ अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की जानकारी भी सामने आई है।

ये हैं संविदाकर्मियों की प्रमुख मांगें

संविदाकर्मियों की प्रमुख मांगों में सभी संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) और स्वास्थ्य बीमा लागू करना, प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ता, वेतन विसंगतियों का निराकरण, नियमित कर्मचारियों जैसी छुट्टियां और समान काम के लिए समान वेतन शामिल हैं। संविदाकर्मियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।


Leave Comments

Top