भोपाल नगर निगम के कथित स्लॉटर हाउस और टेंडर अनियमितता मामले ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीति गरमा दी है। कांग्रेस ने दावा किया है कि जिस मुद्दे को वह लंबे समय से उठाती रही, अब उसी मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) द्वारा साक्ष्य और बयान मांगे जाने से उसके आरोपों को बल मिला है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला बताया है।
जिन सवालों को नकारा, अब उन्हीं की जांच
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अभिनव बरोलिया को संगठन और मीडिया विभाग की ओर से मामले की पड़ताल कर तथ्यों को सामने लाने की जिम्मेदारी दी गई थी। अब जब जांच एजेंसी स्वयं उनसे दस्तावेज और साक्ष्य मांग रही है तो यह साबित होता है कि कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। कांग्रेस का कहना है कि ईओडब्ल्यू की कार्रवाई इस मामले की गंभीरता को दर्शाती है और अब जांच को निष्पक्ष तथा पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
भाजपा पर धार्मिक राजनीति का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी वर्षों से गौमाता, सनातन धर्म और धार्मिक भावनाओं के मुद्दों पर राजनीति करती रही है, लेकिन जब जवाबदेही तय करने और कार्रवाई करने की बात आती है तो चुप्पी साध लेती है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में गौ संरक्षण को लेकर गंभीर है तो उसे केवल राजनीतिक बयानबाजी के बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए। पटवारी ने यह भी कहा कि विभिन्न सामाजिक और धार्मिक वर्गों द्वारा समय-समय पर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की जाती रही है, लेकिन भाजपा इस दिशा में कोई स्पष्ट पहल नहीं की |
हिंदूवादी और सामाजिक संगठनों से समर्थन की अपील
कांग्रेस ने सभी हिंदूवादी, सामाजिक और धार्मिक संगठनों से अपील की है कि वे राजनीतिक विचारधाराओं से ऊपर उठकर मामले की निष्पक्ष जांच का समर्थन करें। पार्टी का कहना है कि जिन लोगों के पास इस प्रकरण से जुड़ी जानकारी या दस्तावेज हैं, वे आगे आकर जांच एजेंसियों की मदद करें ताकि सच्चाई सामने आ सके।
9 जून को ईओडब्ल्यू के सामने पेश होंगे बरोलिया
कांग्रेस के अनुसार पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अभिनव बरोलिया 9 जून को ईओडब्ल्यू के समक्ष उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज कराएंगे और उपलब्ध साक्ष्य जांच एजेंसी को सौंपेंगे। पार्टी ने उम्मीद जताई है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी और यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।