भीड़ नियंत्रण से लेकर साइबर सुरक्षा तक सिंहस्थ के लिए हाईटेक होगी पुलिस

बम स्क्वाड, एसटीएफ और स्वास्थ्य विशेषज्ञ देंगे कमांडो ट्रेनिंग
भोपाल। उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 को पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस को हाईटेक और बहुमुखी (मल्टी-टास्किंग) बनाने का अभियान शुरू हो गया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर 1 जून से प्रदेश के सभी जिलों और इकाइयों में एक व्यापक और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आगाज किया गया है, जो दिसंबर 2026 तक कुल 20 बैचों में निरंतर चलेगा।
सिंहस्थ मेला क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए इस बार पुलिसकर्मियों को पारंपरिक सुरक्षा के साथ-साथ आधुनिक और तकनीकी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है। प्रशिक्षण में भीड़ प्रबंधन (क्राउड मैनेजमेंट), आधुनिक यातायात योजना (जैसे ग्रीन कॉरिडोर), सोशल मीडिया और मीडिया प्रबंधन, साइबर सुरक्षा तथा अभिसूचना संकलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। इसके अलावा, आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी गंभीर सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए बम निरोधक दस्ता, क्विक रिस्पांस फोर्स और स्पेशल टास्क फोर्स के विशेषज्ञ अधिकारी जवानों को विशेष स्तर की कमांडो ट्रेनिंग देंगे।
समयबद्ध तरीके से प्रषिक्षित करना है पुलिस बल को
उप पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) तरुण नायक के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य सिंहस्थ ड्यूटी में तैनात होने वाले शत-प्रतिशत पुलिस बल को समयबद्ध तरीके से प्रशिक्षित करना है। प्रशिक्षण मॉड्यूल में पिछले सिंहस्थ (2016) की समीक्षा, मेला क्षेत्र का जोन विभाजन, घाटों का संचालन, अस्थायी थानों की भूमिका, अखाड़ा व्यवस्था और पेशवाई जुलूस प्रबंधन जैसे व्यावहारिक विषय शामिल हैं। साथ ही, किसी भी आपातकालीन चिकित्सकीय स्थिति या आपदा से निपटने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के सहयोग से पुलिसकर्मियों को सीपीआर और प्राथमिक चिकित्सा का व्यावहारिक ज्ञान भी दिया जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में त्रिस्तरीय व्यवस्था
इस महा-प्रशिक्षण अभियान की सफलता के लिए पुलिस मुख्यालय ने कड़े प्रबंध किए हैं। हर रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक को इसका प्रभारी बनाया गया है, जो आईजी के साथ मिलकर प्रशिक्षण सत्रों का निरीक्षण करेंगे। जिलों में कमान पुलिस अधीक्षक के हाथों में होगी। प्रतिदिन की प्रगति और फीडबैक के लिए रक्षित निरीक्षक और एक सूबेदार को पूर्णकालिक निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। प्रशिक्षण की गुणवत्ता की समीक्षा के लिए हर बैच की विस्तृत रिपोर्ट सीधे पुलिस मुख्यालय को भेजी जाएगी।
 
 

Leave Comments

Top