एमपी विधानसभा में 'नारी शक्ति' पर रार... अर्चना चिटनीस के तंज पर भड़की कांग्रेस, विजयवर्गीय और राजेंद्र सिंह के बीच हुई तीखी बहस

मध्य प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव द्वारा सोमवार को नारी शक्ति वंदन के लिए प्रस्तुत संकल्प पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR  Publish Date: Mon, 27 Apr 2026 11:12:06 PM (IST)Updated Date: Mon, 27 
 

                               एमपी विधानसभा में 'नारी शक्ति' पर रार

HighLights

  1. विधानसभा सत्र में 'नारी शक्ति वंदन' संकल्प पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तकरार
  2. अर्चना चिटनीस ने कमलनाथ सरकार की कन्यादान योजना के आंकड़ों को घेरा
  3. लखन घनघोरिया का दावा: कांग्रेस सरकार में 76 हजार महिलाओं को मिला लाभ

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव द्वारा सोमवार को नारी शक्ति वंदन के लिए प्रस्तुत संकल्प पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और कांग्रेस सदस्यों के बीच सदन में काफी तकरार हुई। भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस ने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता है- महिलाओं को आने मत दो, बोलने मत दो, बिल आए तो अपना अशासकीय संकल्प लाकर आधे घंटे का समय खराब करो। उन्होंने यह भी कहा कि कमल नाथ सरकार में 25 हजार की राशि बढ़ाकर 50 हजार की गई, लेकिन एक भी बेटी को विवाह के उपरांत भी मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का लाभ नहीं मिला। इसका कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने विरोध किया। कहा कि मैं विभाग का मंत्री रहा हूं, आपके सामने आंकड़े रख दूंगा कि 76,785 महिलाओं को हमने लाभ दिया था।

कैलाश विजयवर्गीय का हस्तक्षेप और निजी टिप्पणियों पर सभापति की रोक

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस पर हस्तक्षेप कर कहा कि किसी महिला प्रतिनिधि को इस प्रकार दबाना उचित है क्या? यही आपके (कांग्रेस के) संस्कार हैं, यही आपकी संस्कृति है। उनकी बात पर कांग्रेस विधायक डा. राजेंद्र कुमार सिंह ने टिप्पणी करते हुए कहा कि कैलाश जी, घर में तो दबा नहीं पाते, यहां क्या दबाने की बात करते हैं? इस पर सभापति ने हस्तक्षेप किया। कहा कि घर की बात यहां (सदन में) मत करिए, सबके हाल एक जैसे हैं। अर्चना चिटनीस ने कहा कि भगवान शंकरजी ने भी कभी नारी को दबाने का प्रयास नहीं किया, आप लोग यह प्रयास न घर में करना, न बाहर। कांग्रेस विधायक डा. राजेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण का कभी विरोध नहीं किया। 1996 में केंद्र में विपक्ष में होते हुए भी कांग्रेस महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव लाई थी, लेकिन वो आगे नहीं बढ़ सका, क्यों नहीं भाजपा के लोगों ने सपोर्ट किया? मंत्री विजयवर्गीय बोले- अभी पार्लियामेंट में जो बिल लाया गया, वह कौन सा बिल था।

रामायण का प्रसंग और आरक्षण विधेयक पर सत्ता-विपक्ष के बीच जुबानी जंग

चर्चा के बीच पूर्व मंत्री व विधायक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि भगवान राम ने नारी के सम्मान के लिए रावण का वध किया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नारी के सम्मान के लिए कांग्रेस को समाप्त करेंगे। कांग्रेस विधायक झूमा सोलंकी ने कहा कि नारी शक्ति के वंदन का शासकीय संकल्प लाना किसी मुख्यमंत्री द्वारा शायद ऐतिहासिक ही है, लेकिन बहनों के आगे बढ़ने की कोशिशों को भाजपा हमेशा रोकती है। कांग्रेस विधायक सोहनलाल वाल्मीकि ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिला के आरक्षण का समर्थन किया है। 2023 में समर्थन किया, लेकिन भाजपा ने अब तक इसे लागू नहीं किया है और अब गलत तरीके से संशोधन विधेयक लाकर महिलाओं को गुमराह किया जा रहा है।

हेमंत खंडेलवाल ने वैश्विक उदाहरणों से दी सीख

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम कोई एक विधेयक नहीं, भारत के सामाजिक, राजनीतिक और नैतिक भविष्य की दिशा तय करने वाला विषय है। जब तक आधी आबादी को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक हम दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल नहीं हो पाएंगे। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान, ईरान, पाकिस्तान जैसे देशों में नारी का अपमान हुआ, वे देश दुनिया के नक्शे में सिमटते जा रहे हैं। अगर हम चाहते हैं कि दुनिया में हम अमेरिका और चीन के बराबर रहें तो नारी को सम्मान देने का यह अवसर हमें नहीं खोना चाहिए।

मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति पर विपक्ष का हमला

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सदन में महिलाओं के गंभीर मुद्दे पर चर्चा चल रही है लेकिन मुख्यमंत्री सीट पर ही नहीं है। कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने कहा कि यह संकल्प मुख्यमंत्री के द्वारा ही रखा गया है उनको यहां पर पूरे समय उपलब्ध रहना चाहिए, यह महिलाओं का अपमान है। विपक्षी सदस्यों ने मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति को संकल्प की गंभीरता के प्रति उदासीनता करार दिया।


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