सरकार फिर लेगी चार हजार करोड़ का बाज़ार कर्ज़

 चालू वित्त वर्ष में उधारी का आंकड़ा 48,900 करोड़ पहुंचा
भोपाल।  राज्य में जारी विकास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे को रफ्तार देने के लिए प्रदेश सरकार एक बार फिर बाज़ार से बड़ा कर्ज़ उठाने जा रही है। आगामी 3 नवंबर को सरकार वित्तीय बाजार से 4,000 करोड़ रुपए की नई उधारी लेगी। तीन अलग-अलग किस्तोंकृ1,000 करोड़, 1,000 करोड़ और 2,000 करोड़ रुपएकृमें जुटाई जाने वाली इस राशि के साथ ही चालू वित्त वर्ष में राज्य की कुल बाज़ार उधारी बढ़कर 48,900 करोड़ रुपए पर पहुंच जाएगी।
वित्त विभाग के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य की कुल वार्षिक उधारी सीमा लगभग 87,000 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है, जिसमें से शुरुआती नौ महीनों के लिए 58,274 करोड़ रुपए की सीमा स्वीकृत है। सरकार का कहना है कि बाज़ार से ली जा रही इस राशि का उपयोग केवल अधोसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) के विकास कार्यों में किया जाएगा, ताकि प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिल सके।
सरकार ने दी एफआरबीएम नियमों के पालन की दलील
राजनीतिक गलियारों में बढ़ते कर्ज़ और वित्तीय प्रबंधन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सरकार ने अपनी स्थिति पूरी तरह नियंत्रित बताई है। सरकार के मुताबिक, राज्य पूरी तरह से राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम  के दायरे में काम कर रहा है। बजट अनुमान 2026-27 के अनुसार, राज्य का ऋण-जीएसडीपी अनुपात 32.53 फीसदी रहने का अनुमान है। वहीं, कुल राजस्व प्राप्तियों के मुकाबले ब्याज भुगतान का अनुपात 10 से 11ः के आसपास है, जो भारतीय रिजर्व बैंक और वित्त आयोग द्वारा तय 15ः की सुरक्षित सीमा से काफी नीचे है। इसी आधार पर सरकार का दावा है कि राज्य की वित्तीय सेहत पूरी तरह सुदृढ़ है।
 


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