उम्मीदवार के नाम पर मंथन तेज
भोपाल। प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस राज्यसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है। भाजपा की ओर से हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद प्रदेश कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है। अब पार्टी तीसरे प्रत्याशी के नाम को लेकर मंथन कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस इस बार महिला प्रत्याशी को मैदान में उतारने पर विचार कर रही है। उम्मीदवार के चयन को लेकर पार्टी के भीतर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, अभी तक नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। भाजपा द्वारा हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद कांग्रेस ने उन पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार एपस्टीन फाइल्स के मुद्दे को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस इस मामले को राज्यसभा चुनाव से जोड़कर भाजपा पर हमला कर रही है। हालांकि, इस संबंध में लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
नामांकन के लिए कम समय
कांग्रेस के सामने उम्मीदवार का नाम तय करने के लिए सीमित समय है। जानकारी के अनुसार, नामांकन की अंतिम तारीख 2 नवंबर है। ऐसे में पार्टी जल्द ही अपने प्रत्याशी के नाम पर फैसला कर सकती है। गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के पास जीत के लिए आवश्यक विधायकों का आंकड़ा नहीं होने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद पार्टी उम्मीदवार उतारने की रणनीति पर काम कर रही है। अब सभी की निगाहें कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी के नाम और पार्टी के अगले कदम पर टिकी हैं।
कांग्रेस की नजर राजनीतिक संदेश पर
उपचुनाव में कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती जीत के लिए जरूरी संख्याबल की है। इसके बावजूद प्रत्याशी उतारने की तैयारी से साफ है कि पार्टी चुनाव को राजनीतिक मुद्दों को उठाने के अवसर के तौर पर भी देख रही है। अब कल होने वाली षुक्रवार को यह स्पष्ट होगा कि कांग्रेस किसे मैदान में उतारती है और हरदीप सिंह पुरी के सामने मुकाबले की उसकी रणनीति क्या होगी। इस रणनीति को लेकर प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी मीडिया से चर्चा कर पूरी रणनीति का खुलासा करेंगे।
नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर शिक्षक अभ्यर्थियों का चक्काजाम
बोर्ड ऑफिस चौराहे पर यातायात ठप
भोपाल। प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 की मेरिट सूची में शामिल अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग को लेकर राजधानी के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर थालियां बजाईं और नारेबाजी की। इससे चौराहे पर यातायात बाधित हो गया और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अभ्यर्थियों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल कराने का प्रयास किया, लेकिन अभ्यर्थी सड़क पर लेट गए और एक-दूसरे का हाथ पकड़कर डटे रहे। इस दौरान पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की तथा खींचतान भी हुई। पुलिस अधिकारी यातायात सुचारू कराने के प्रयास में जुटे रहे। आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि नियुक्ति पत्र जारी करने और जॉइनिंग को लेकर ठोस निर्णय होने तक उनका विरोध जारी रहेगा। अभ्यर्थियों ने भर्ती नियमावली के खंड 49 का हवाला देते हुए दस्तावेज सत्यापन के दौरान डीएलएड डिग्री से संबंधित शर्त का मुद्दा उठाया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि उनके नियुक्ति पत्र जल्द जारी किए जाएं और उन्हें विद्यालयों में पदस्थापना दी जाए। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि मांगों पर निर्णय होने तक वे आंदोलन जारी रखेंगे।
राजधानी में 4 नवंबर को अटल पथ पर निकलेगी रैली
राजनाथ सिंह हो सकते हैं शामिल, एक लाख लोग जुटाने का लक्ष्य
भोपाल। भाजपा के प्रदेशव्यापी ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत राजधानी भोपाल के अटल पथ पर चार नवंबर को एक विशाल पदयात्रा आयोजित की जाएगी। पार्टी ने इस भव्य आयोजन में एक लाख से अधिक लोगों की भागीदारी का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। रैली की खास बात यह है कि भाजपा के इतिहास में पहली बार किसी अभियान या रैली में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।
चार नवंबर को भोपाल में होने वाली इस पदयात्रा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शामिल होने की प्रबल संभावना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों इंदौर, जबलपुर और भोपाल में आयोजित होने वाली पदयात्राओं के लिए चार केंद्रीय मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है। इनमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भूपेंद्र यादव, पीयूष गोयल और मनसुख मांडविया शामिल हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भोपाल या जबलपुर में से किसी एक आयोजन का हिस्सा बनेंगे। जबलपुर में यह पदयात्रा दो नवंबर को निकाली जाएगी। क्यूआर कोड और फॉर्म से रजिस्ट्रेशन
संगठन को मजबूत करने और पदयात्रा में शामिल होने वाले लोगों का सटीक आंकड़ा जुटाने के उद्देश्य से पार्टी ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की नई व्यवस्था लागू की है। इंदौर में पदयात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जबकि अब भोपाल और जबलपुर के लिए भी रजिस्ट्रेशन खोल दिए गए हैं। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि डिजिटल डेटाबेस से यह स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी कि तीनों बड़े शहरों के आयोजनों में किस क्षेत्र से कितने लोग पहुंचे।
इंदौर में आज पाटनीपुरा से आगाज
अभियान की शुरुआत इंदौर से हो रही है, जहां कल पाटनीपुरा चौराहे से दो किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली जाएगी। इस आयोजन में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी बिप्लब देब और प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
इलेक्ट्रानिक कांटे पर तुलाई के बाद हम्माली-तुलाई शुल्क नहीं काट सकेंगी समितियां
भोपाल। कृषि उपजमंडियों में किसानों को बड़ी राहत देते हुए मंडी बोर्ड प्रबंधन ने एक कड़ा आदेश जारी किया है। अब प्रदेश की मंडियों में ट्राली में खुले रूप में लाए जाने वाले अनाज की बड़े इलेक्ट्रानिक तौल कांटे पर तुलाई के बाद किसानों से किसी भी प्रकार की हम्माली और तुलाई की राशि नहीं काटी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर सीधे तौर पर संबंधित मंडी सचिव को जिम्मेदार माना जाएगा।
यह सख्त निर्देश हाल ही में बदनावर मंडी समिति से सामने आई शिकायतों के बाद दिए गए हैं। मंडी बोर्ड संचालक को शिकायत मिली थी कि बदनावर में किसानों की ट्रालियों पर लाए गए अनाज को बड़े इलेक्ट्रानिक कांटे पर तोलने के बावजूद, हम्माली और तुलाई के नाम पर अवैध रूप से अतिरिक्त वसूली की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल मुख्यालय ने तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि निर्धारित व्यवस्था के विपरीत किसानों से किसी भी स्तर पर अतिरिक्त वसूली न हो। यदि जांच में कोई अनियमितता पाई जाती है, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई कर सात दिनों के भीतर मुख्यालय को प्रतिवेदन भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
सचिव होंगे व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी
मंडी बोर्ड संचालक ने प्रदेश के सभी संयुक्त संचालकों को निर्देशित किया है कि जिन मंडियों में बड़े इलेक्ट्रानिक तौल कांटे स्थापित हैं, नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। निर्देषों में कहा गया है कि किसान द्वारा ट्राली में खुले रूप में लाई गई सिंगल जिंस (एक प्रकार की कृषि उपज) की शत-प्रतिशत तुलाई बड़े इलेक्ट्रानिक कांटे से ही की जाए, बड़े कांटे पर तुलाई होने के बाद, अनाज को दोबारा छोटे तौल कांटे पर तौलकर किसानों से हम्माली और तुलाई की राशि बिल्कुल न काटी जाए और आदेशों का पालन न होने की स्थिति में संबंधित मंडी सचिव को व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी ठहराया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के दिए निर्देश
भोपाल। राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बुधवार को भोपाल स्थित अपने निवास कार्यालय में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत संचालित प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रमों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके), एनीमिया मुक्त भारत अभियान और आशा कार्यक्रम के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए।
समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जिला चिकित्सालयों में संचालित जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्रों (डीईआईसी) में रिक्त पड़े पदों पर प्राथमिकता के साथ शीघ्र नियुक्तियां करने के निर्देश दिए। उन्होंने आरबीएसके 2.0 पोर्टल पर बच्चों की स्क्रीनिंग से लेकर उनके पूर्ण उपचार तक की हर जानकारी अनिवार्य रूप से दर्ज करने पर विशेष बल दिया, ताकि बच्चों में बीमारियों की प्रारंभिक पहचान कर समय पर उचित इलाज सुनिश्चित किया जा सके। एनीमिया मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए शुक्ल ने एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के माध्यम से पात्र हितग्राहियों की व्यापक जांच कराने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि एनीमिया की पुष्टि होने पर निर्धारित चिकित्सीय प्रोटोकॉल के तहत तुरंत उपचार शुरू किया जाए और उपचार के उपरांत नियमित फॉलोअप भी रखा जाए। साथ ही, इसके समुचित अभिलेखीकरण और अन्य विभागों के साथ बेहतर समन्वय के भी निर्देश दिए।
जहरीली शराब का पैसा कांग्रेस के फंड में, पटवारी दें जवाब
मंत्री सारंग का आरोप कासलीवाल परिवार ही चला रहा था अवैध रैकेट
भोपाल। देवास में संदिग्ध जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने इस मामले को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। सारंग ने आरोप लगाया कि पुलिस जांच में देवास शराब कांड के मुख्य आरोपियों और कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे अमन कासलीवाल के बीच सीधा संबंध उजागर हुआ है।
मंत्री सारंग ने आज मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि पुलिस जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है। कांड के मुख्य आरोपियों अज्जू राठौर और गोविंद ने अपने कबूलनामे में स्पष्ट किया है कि उन्होंने शराब में इस्तेमाल होने वाला थिनर अमन कासलीवाल से खरीदा था। उन्होंने आरोप लगाया कि अमन कासलीवाल इस पूरे शराब रैकेट का सरगना है और उनके परिवार का पुराना इतिहास भी शराब के अवैध कारोबार से जुड़ा रहा है। सारंग ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को आड़े हाथों लेते हुए सवाल उठाया कि घटना को 24 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी पार्टी ने आनंद कासलीवाल पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है। वे अब भी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ कार्यक्रमों में सक्रिय हैं। गंभीर आरोप लगाते हुए मंत्री ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के टेंट-माइक, कार्यालय के बिजली बिल और कर्मचारियों के वेतन का खर्च कासलीवाल परिवार द्वारा स्पॉन्सर किया जाता था। क्या यह पैसा अवैध शराब कारोबार का था, यह भी जांच का अहम विषय है।
तेरह लोगों की हुई थी मौत
उल्लेखनीय है कि देवास में बीते 20 दिनों के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में 13 लोगों की जान चली गई थी। मौतों की वजह अवैध शराब का सेवन माना गया था, जिसके बाद राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए देवास के कलेक्टर और एसपी को हटा दिया था तथा कई प्रशासनिक अधिकारियों को निलंबित कर दिया था।