नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। आइएसबीटी परिसर में वर्मा ट्रेवल्स की आठ बसों में आग लगने के बाद नगर निगम की नींद टूटी है। बस टर्मिनस परिसर में खड़ी गैर-संचालित बसों को हटाने के लिए निगम ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए 16 बसों को हटवा दिया। इनमें 15 बसों को बस संचालकों ने खुद हटा लिया, जबकि एक बस नगर निगम ने जब्त कर ली। दो बसों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
निगमायुक्त के निर्देश पर संयुक्त कार्रवाई, अनाउंसमेंट के बाद शुरू हुआ एक्शन
दरअसल, आइएसबीटी परिसर में खड़ी बसों में आगजनी की घटना के बाद बुधवार को नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने आइएसबीटी परिसर के निरीक्षण के दौरान गैर-संचालित बसों को हटाने और परिसर को साफ कराने के निर्देश दिए। इसके बाद निगम के अतिक्रमण विरोधी अमले, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग के अमले ने बुधवार को संयुक्त अभियान चलाकर कार्रवाई की। पहले अनाउंसमेंट कर बस संचालकों को बसें हटाने के लिए कहा और फिर कार्रवाई शुरू की।
इसमें वर्मा ट्रेवल्स की 13 और भोपाल ट्रेवल्स की दो बसों को हटवाया। निगम के अनुसार, भोपाल ट्रेवल्स की दोनों बसें सितंबर से परिसर में खड़ी थीं। निगम ने दोनों बसों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर कुल 20 हजार रुपये की जुर्माना राशि वसूल की। वहीं, माला ट्रेवल्स की एक बस को क्रेन की मदद से उठाकर अन्ना नगर स्थित गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन पर रखवाया गया। इस तरह कुल 16 बसों पर कार्रवाई की गई।
आइएसबीटी पर गैर-संचालित बसों का जमावड़ा
आइएसबीटी में लंबे समय से गैर-संचालित बसों का जमावड़ा सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा था। बसों में आग लगने की घटना के बाद जांच के दौरान सामने आया कि जिन बसों में आग लगी, उनमें से चार बसें जुलाई माह से बस टर्मिनस में ही खड़ी हुई थीं। इन बसों से भी जुर्माना राशि वसूल की जाएगी। वहीं, जहां चार बसें खड़ी करने की जगह थी, वहां आठ बसें खड़ी हुई हैं।
लंबे समय से खड़ी बसों के नीचे जमी गंदगी साफ कराई
परिसर में लंबे समय से खड़ी बसों के नीचे गंदगी और कचरा जमा हो गया था। इस पर बसें हटाने के बाद निगम के अमले ने परिसर में फैले कचरे, कीचड़ और गंदगी की सफाई कराई। इसके साथ ही बस स्टैंड क्षेत्र की धुलाई भी की गई। कार्रवाई के दौरान एक बस के आगे ऑयल की टंकियां भी रखी हुई थीं। निगम के अमले ने इन टंकियों को भी हटवा दिया।