यूक्रेन युद्ध अब खत्म होगा?: पुतिन ने अमेरिकी मध्यस्थता में शांति वार्ता को दी सहमति, अबू धाबी में होगी बैठक

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 21 Oct 2026 10:59 PM IST

यूक्रेन युद्ध खत्म करने की दिशा में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। दरअसल रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन और अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत करने की सहमति दे दी है। 

Putin agrees to resume three way peace talks with Ukraine and US abu dhabi

पुतिन ने बातचीत की दी सहमति - फोटो : एआई जेनरेट इमेज

विस्तार

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को खत्म करने की कोशिशों में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, अमेरिका की मध्यस्थता में यूक्रेन के साथ शांति वार्ता दोबारा शुरू करने पर सहमत हो गए हैं। रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और पुतिन के बीच सेंट पीटर्सबर्ग में हुई करीब तीन घंटे की बैठक के बाद सामने आया है।
क्रेमलिन के मुताबिक, रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच अगले महीने से तकनीकी स्तर पर शांति वार्ता शुरू हो सकती है। यह बैठक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबू धाबी में होने की संभावना है। बातचीत 10 नवंबर या उसके बाद किसी समय शुरू हो सकती है। इस बातचीत का मुख्य मकसद यह तय करना होगा कि युद्ध खत्म होने के बाद रूस और यूक्रेन की सुरक्षा की गारंटी कैसे सुनिश्चित की जाए।
पुतिन और विटकॉफ के बीच तीन घंटे चली बैठक
बुधवार को सेंट पीटर्सबर्ग के एक भव्य महल में पुतिन और अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के बीच बातचीत हुई। यह नौवां मौका था, जब विटकॉफ ने पुतिन से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। बैठक की शुरुआत रूस की ओर से एक सकारात्मक कदम के साथ हुई। रूस ने अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड को रिहा कर दिया। हबर्ड एक सेवानिवृत्त अमेरिकी स्कूल शिक्षक हैं, जिन्हें रूस में हिरासत में रखा गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन से व्यक्तिगत रूप से हबर्ड की रिहाई का अनुरोध किया था।                                                                                                                                                                                     10 नवंबर से शुरू हो सकती है शांति वार्ता
क्रेमलिन ने बताया कि रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच प्रस्तावित बातचीत तकनीकी स्तर पर होगी। इसमें युद्ध खत्म होने के बाद दोनों देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी। इससे पहले अमेरिका की मध्यस्थता में आखिरी शांति वार्ता फरवरी में हुई थी। इसके बाद अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था।
यह पहल ऐसे समय सामने आई है, जब ट्रंप को यूक्रेन युद्ध खत्म करने के अपने पुराने वादे को लेकर सवालों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रंप ने अपने सफल चुनाव अभियान के दौरान दावा किया था कि वह राष्ट्रपति बनने के 24 घंटे के भीतर युद्ध खत्म करा देंगे। हालांकि, उस वादे को दो साल से ज्यादा समय बीत चुका है।
यूक्रेन के नए प्रस्तावों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं रूस
पुतिन से मुलाकात से एक दिन पहले स्टीव विटकॉफ ने नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से बातचीत की थी। इस बैठक में फिनलैंड और नॉर्वे के नेताओं के साथ यूरोपीय देशों और नाटो के प्रतिनिधि भी शामिल हुए थे। विटकॉफ ने पुतिन को बताया कि ओस्लो में हुई बातचीत से शांति प्रक्रिया को कुछ गति मिली है।
शांति समझौते की शर्तों पर अब भी बड़ा मतभेद
रूस और यूक्रेन के बीच संभावित शांति समझौते की शर्तों को लेकर अब भी बड़े मतभेद बने हुए हैं। रूस की मुख्य मांगों में पूर्वी यूक्रेन के दोनेत्स्क क्षेत्र पर पूरा नियंत्रण, यूक्रेन को नाटो की सदस्यता नहीं देना और अस्थायी युद्धविराम के बजाय व्यापक शांति समझौता करना शामिल है।
दूसरी ओर ट्रंप ने हाल के दिनों में यूक्रेन पर समझौते के लिए दबाव बढ़ाया है। मंगलवार को ट्रंप ने कहा था कि अब यूक्रेन को युद्ध खत्म करने का फैसला करना चाहिए, नहीं तो उसे बहुत बुरे नतीजों का सामना करना पड़ सकता है। रूस के साथ डीजल समझौते की घोषणा के बाद अमेरिका और यूक्रेन के संबंधों में तेजी से तनाव बढ़ा है। यूक्रेन ने शिकायत की है कि उसे अमेरिका से मिलने वाली कुछ खुफिया जानकारियों में रुकावट आ रही है। इसके अलावा अमेरिकी सैन्य सैटेलाइट सिस्टम स्टारशील्ड के इस्तेमाल में भी परेशानियां सामने आई हैं।
चीन में ट्रंप, पुतिन और जिनपिंग की हो सकती है मुलाकात
बुधवार की बैठक में चीन में अगले महीने एक संभावित मुलाकात पर भी चर्चा हुई। इस बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शामिल होने की संभावना जताई गई है। क्रेमलिन के मुताबिक, बीजिंग इस संभावित बैठक की तैयारियों में पहले से जुटा हुआ है। रूस ने इसे अपनी तरह की पहली ऐतिहासिक मुलाकात बताया है।

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