डिंडौरी स्वास्थ्य विभाग घोटाला: पूर्व CMHO, DHO समेत 6 आरोपियों के खिलाफ EOW में FIR की दर्ज

Updesh Awasthee   personUpdesh Awasthee    10/21/2026 05:39:00 PM2 minute read
जबलपुर, 21 अक्टूबर 2026: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय, डिंडौरी में सरकारी पैसों के गबन और वित्तीय अनियमितताओं के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW), जबलपुर ने इस Scam में शामिल तत्कालीन अफसरों एवं कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, 01 अप्रैल 2016 से 31 दिसंबर 2025 की अवधि के दौरान कुल ₹60.60 लाख का अवैध भुगतान स्वीकृत कर सरकार को भारी आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है। 

घोटाले का तरीका और मोडस ऑपरेंडी

आरोपी अधिकारी CMHO कार्यालय डिंडौरी की लेखा शाखा में Creator, Verifier और Approver के पद पर तैनात थे। इन्होंने IFMIS Portal पर बिना किसी ऑफिस ऑर्डर और मैन्युअल वेरिफिकेशन के एरियर के फर्जी कैलकुलेशन शीट्स तैयार किए। पूर्व में मैन्युअल रूप से दिए जा चुके एरियर भुगतानों को छुपाने के लिए सिस्टम में Negative Entries दर्ज की गईं और ₹49.89 लाख का अवैध एरियर पेमेंट निकाला गया। नियमों को दरकिनार करते हुए मद परिवर्तन (Fund Allocation Change) कर Non-Practicing Allowance (NPA) और HRA के नाम पर ₹5.89 लाख का अवैध भुगतान किया गया।
 
जुलाई 2024 में 'After July 2017 Arrear Screen' का दुरुपयोग करके तत्कालीन लेखा शाखा प्रभारी व सहायक ग्रेड-3 गुलाब प्रसाद साहू को बिना किसी वैधानिक आदेश के ₹4.78 लाख ट्रांसफर किए गए। विभिन्न वेण्डरों (Vendors) को भी दोहरा और गलत भुगतान (Double Payment) किया गया। बिलों की स्वीकृति बिना पात्रता की जांच किए Digital Signatures का इस्तेमाल कर दी गई, जिससे सरकारी फंड्स सीधे संदिग्ध बैंक खातों में चले गए। 
 
आरोपियों ने म.प्र. कोषालय संहिता (MP Treasury Code) और म.प्र. वित्तीय संहिता (MP Financial Code) के नियमों का आपराधिक नीयत से खुलेआम उल्लंघन किया।

नामजद आरोपी

EOW ने CMHO कार्यालय डिंडौरी में पदस्थ निम्नलिखित 6 अधिकारियों और कर्मचारियों को नामजद आरोपी बनाया है:
  • आर. के. मेहरा (तत्कालीन CMHO, डिंडौरी)
  • रमेश सिंह मरावी (तत्कालीन CMHO, डिंडौरी)
  • बल्देव सिंह भलावी (तत्कालीन DHO, डिंडौरी)
  • भरत सिंह टेकाम (तत्कालीन DHO, डिंडौरी)
  • गुलाब प्रसाद साहू (सहायक ग्रेड-3 एवं तत्कालीन लेखा शाखा प्रभारी)
  • प्रकाश परस्ते (सुपरवाइजर, CMHO कार्यालय डिंडौरी)

कानूनी कार्रवाई और दर्ज धाराएं

EOW जबलपुर द्वारा आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 109/2026 दर्ज कर मामले को विवेचना (Investigation) में लिया गया है। यह FIR निम्नलिखित कानूनी धाराओं के तहत दर्ज की गई है:
  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018): धारा 7(C), 13(1)(a) और 13(2)।
  • भारतीय न्याय संहिता (BNS): धारा 316(5) एवं 61(2)।

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