नई दिल्ली. भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चर्चा में रहे व्यापार समझौते को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने के काफी करीब हैं. इसी बीच रुबियो मंगलवार को भारत की आधिकारिक यात्रा पर मुंबई पहुंचे.
रुबियो के साथ भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी मुंबई पहुंचे. यहां वह विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. बातचीत में व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और तकनीक जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है. यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है. समझौता होने पर दोनों देशों के कारोबार और आर्थिक संबंधों को नई दिशा मिल सकती है.
व्यापार समझौते पर क्या बोले रुबियो?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को उज्बेकिस्तान के समरकंद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अमेरिका भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहा है और दोनों पक्ष इसके काफी करीब हैं. उन्होंने रूस से तेल आयात के मुद्दे पर भी भारत की जरूरतों को ध्यान में रखने की बात कही. रुबियो के मुताबिक, रूस से तेल खरीदने को लेकर संभावित प्रतिबंधों और शुल्कों पर विचार करते समय भारत की ऊर्जा जरूरतों को समझना जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रस्तावित कदम का आर्थिक असर समझने के लिए समय चाहिए. इसमें वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों पर पडऩे वाले संभावित प्रभाव भी शामिल हैं. रुबियो ने भारत को अमेरिका का महत्वपूर्ण सहयोगी और साझेदार बताया.
जयशंकर से किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
रुबियो की यात्रा से पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मुंबई में अमेरिकी कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. इस बैठक में भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने के साथ व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और तकनीक से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने भारत में कारोबार करना आसान बनाने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग को और मजबूत करने पर भी बातचीत की. रुबियो के साथ होने वाली द्विपक्षीय वार्ता में भी इन मुद्दों के प्रमुखता से उठने की उम्मीद है. व्यापार समझौते पर प्रगति के अलावा दोनों देश आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के रास्तों पर विचार कर सकते हैं.
26/11 आतंकी हमले के पीड़ितों को देंगे श्रद्धांजलि
विदेश मंत्रालय के अनुसार, रुबियो मंगलवार दोपहर 3:40 बजे मुंबई के ताज महल पैलेस होटल स्थित ताज मेमोरियल में आतंकवाद के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देंगे. इसके बाद उसी स्थान पर उनकी विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बातचीत होगी. रुबियो मंगलवार शाम को जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 'फ्रीडम 250 रिसेप्शन' में भी शामिल होंगे. इसके बाद बुधवार को उनके गुजरात के जामनगर जाने का कार्यक्रम है. जामनगर देश का एक प्रमुख ऊर्जा केंद्र है.
भारत-अमेरिका संबंधों के लिए क्यों अहम है यह दौरा?
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर लंबे समय से बातचीत चल रही है. ऐसे में रुबियो का यह दौरा दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. प्रस्तावित समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देना और कारोबार से जुड़ी बाधाओं को कम करना है. हालांकि, रुबियो ने समझौते को अंतिम रूप देने के करीब होने की बात कही है, लेकिन इससे यह स्पष्ट नहीं होता कि समझौते पर कब तक हस्ताक्षर होंगे या इसकी शर्तें क्या होंगी.