मध्यप्रदेश: राज्य कर्मचारी आयोग का पुनर्गठन, मलय श्रीवास्तव बने अध्यक्ष; सात पदों पर नई नियुक्तियां

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Wed, 14 Oct 2026 07:39 PM IST

मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारी आयोग का पुनर्गठन कर सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी मलय श्रीवास्तव को अध्यक्ष नियुक्त किया है। आयोग में न्यायिक सेवा सदस्य अरुण कुमार सिंह सहित अन्य नियुक्तियां भी की गई हैं। आयोग सरकारी कर्मचारियों के वेतनमान, पदनाम और आर्थिक परिस्थितियों का अध्ययन कर शासन को सिफारिशें और रिपोर्ट सौंपेगा।

विस्तार

राज्य सरकार ने राज्य कर्मचारी आयोग का पुनर्गठन करते हुए सात पदों पर नई नियुक्तियां घोषित की हैं। वित्त विभाग ने आयोग के पुनर्गठन के संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य शासन ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी मलय श्रीवास्तव को आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके साथ ही शासन ने सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश अरुण कुमार सिंह को न्यायिक सेवा सदस्य के रूप में आयोग में शामिल किया है।
आयोग में सेवानिवृत्त कार्यालय अधीक्षक बादाम सिंह को भी सदस्य के रूप में जिम्मेदारी दी है। तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने छह साल पहले इस राज्य कर्मचारी आयोग का गठन किया था। हालांकि, बाद में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद शासन ने इस आयोग के कामकाज को शिथिल कर दिया था।
आयोग में नए सदस्यों की नियुक्ति
राज्य शासन ने आयोग के पुनर्गठन के साथ विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को भी इसमें सदस्य के रूप में जिम्मेदारी सौंपी है। इसमें सरकार ने पेंशन, भविष्य निधि एवं बीमा संचालनालय, मध्यप्रदेश के संचालक को अतिरिक्त प्रभार देते हुए आयोग का सदस्य नियुक्त किया है। इसके अलावा सामान्य प्रशासन विभाग तथा वित्त विभाग में पदस्थ सचिव स्तर से नामांकित अधिकारियों को भी आयोग में सदस्य बनाया है। वित्त विभाग के सेवानिवृत्त उपसचिव अजय चौबे को आयोग का नया सचिव नियुक्त किया है। राज्य सरकार आयोग के अध्यक्ष, सदस्यों और सचिव की सेवा-शर्तों का निर्धारण अलग से करेगी।
ये रहेंगे प्रमुख कार्य
राज्य कर्मचारी आयोग के विचारणीय विषय राजपत्र में तय प्रावधानों के अनुसार ही यथावत रहेंगे। आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करते समय अन्य राज्यों में समान पदों पर कार्यरत शासकीय कर्मचारियों के वेतनमान और पदनाम का विशेष अध्ययन करेगा। साथ ही, आयोग सिफारिशें बनाते समय प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय, राज्य की वर्तमान आर्थिक स्थिति, लोक वित्त प्रबंधन, उपलब्ध वित्तीय संसाधनों और राज्य के आर्थिक विकास की आवश्यकताओं को पूरी तरह ध्यान में रखेगा। आयोग अपनी कार्यप्रणाली स्वयं तय करेगा और उसे आवश्यक जानकारी प्राप्त करने का पूरा अधिकार रहेगा। राज्य सरकार भी आयोग को सभी आवश्यक जानकारी, दस्तावेज तथा सहायता उपलब्ध कराएगी।
रिपोर्ट की समय-सीमा और व्यवस्था
पुनर्गठित आयोग राज्य शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी सिफारिशें और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके सरकार को सौंपेगा। इस प्रक्रिया के दौरान जिन विचारणीय विषयों पर सिफारिशों को अंतिम रूप दिया जा चुका होगा, उन पर आयोग आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार को अंतरिम रिपोर्ट भी प्रस्तुत कर सकेगा। राज्य सरकार ने वित्त विभाग को आयोग के संपूर्ण बजट और उससे जुड़ी कार्यालयीन व्यवस्था संभालने का दायित्व दिया है।

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