कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के इंदौर पर 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शनिवार को कहा कि सिस्टम पर छह लोगों का कब्ज़ा है.
राहुल गांधी ने कहा, "हर प्रोग्राम में हम स्टूडेंट्स के मुद्दे उठाते हैं...आज इंदौर में हमने तय किया है कि हम सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स के मुद्दे पर बात करेंगे."
उन्होंने पेपर लीक, संस्थानों की विफलता, इंफ्रास्ट्रक्चर का ध्वस्त होना, निजीकरण जैसे मुद्दों पर बात करते हुए, कुछ वीडियो क्लिप भी दिखाईं जिसमें छात्र अपनी समस्याओं पर बात कर रहे हैं.
राहुल गांधी के कार्यक्रम में काफ़ी संख्या में युवा आए थे, जिनमें से कुछ से राहुल गांधी ने मंच पर बुलाकर बात की.
एक स्टूडेंट ने राहुल गांधी को अपनी समस्या सुनाते हुए कहा, "जो भी यूनिवर्सिटी है वो बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर पा रही है. कुछ ही पारदर्शिता नहीं है."
एक और स्टूडेंट ने आरोप लगाया, "मध्य प्रदेश में 13% पोस्ट होल्ड कर दी जाती हैं, इसमें कोर्ट का बहाना दे दिया जाता है. हम लोगों की उम्र बढ़ रही है. लोग बेरोज़गार बैठे हैं. भर्तीयां खाली हैं, भर्तियां नहीं होती हैं. बहुत सारे पद संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) से भर दी जाती हैं."
कार्यक्रम में एक अन्य स्टूडेंट ने कहा, "मार्च 2019 में कांग्रेस सरकार ने ओबीसी रिज़र्वेशन 14% बढ़ा कर 27% कर दिया था. जैसे ही बीजेपी की सरकार बनी बिना किया कारण के कोर्ट का हवाला देकर इसे रोक देती है. मध्य प्रदेश में 10 हज़ार पद होल्ड कर सरकार बैठी है."
उन्होंने दावा किया, "इस पर कोर्ट का कोई स्टे नहीं है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने कई बार कहा है कि आपका क़ानून है आप लागू क्यों नहीं करते. सरकार दोहरी नीति अपना रही है."

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश के सिस्टम पर छह लोग बैठे हैं. उन्होंने कहा कि सिस्टम में अलग- अलग लेयर हैं और यही देश चलाते हैं.
राहुल गांधी ने दावा किया, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिस्टम चलाते हैं. अमित शाह स्टूडेंट्स पर बल प्रयोग कराते हैं. मोहन भागवत विचारधारा की बात करते हैं, उन्हें हज़ारों करोड़ रुपये स्कूल कॉलेज चलाने के लिए दिए जाते हैं."
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 'सिस्टम में बैठे लोग विपक्षी नेताओं की जासूसी कराते हैं और उद्योगपति सरकार को मार्केटिंग के लिए पैसे देते हैं.'
उन्होंने दावा किया कि निचले स्तर पर हर जगह सिस्टम ने अपना एक आदमी बैठा रखा है.
उन्होंने इस मामले में क्रिकेट का ज़िक्र भी किया और कहा कि सचिन तेंदुलकर, कपिल देव के होते हुए भी वहां अमित शाह के बेटे को बैठा दिया गया.
राहुल गांधी ने कहा, "स्डूडेंट्स यही सवाल करते हैं कि ऐसा कैसे हुआ. संस्थाएं अपना काम क्यों नहीं करतीं. सिस्टम स्टूडेंट्स नहीं चाहते, सिस्टम 'अंधभक्त' चाहते हैं. वो नफ़रत फैलाते हैं और नफ़रत से बात करते हैं."
राहुल गांधी ने आरोप लगाया, "अंधभक्त अहंकार से भरा होता है. स्टूडेंट डरता नहीं है, लेकिन अंधभक्त डरता है. वह महिलाओं पर आक्रमण करता है, उनका अपमान करता है. वह बेईमान और झूठा होता है. इसलिए सिस्टम अंधभक्त तैयार करता है और उन्हें पूरे देश में फ़ैलाता है."
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश के सिस्टम पर छह लोग बैठे हैं. उन्होंने कहा कि सिस्टम में अलग- अलग लेयर हैं और यही देश चलाते हैं.
राहुल गांधी ने दावा किया, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिस्टम चलाते हैं. अमित शाह स्टूडेंट्स पर बल प्रयोग कराते हैं. मोहन भागवत विचारधारा की बात करते हैं, उन्हें हज़ारों करोड़ रुपये स्कूल कॉलेज चलाने के लिए दिए जाते हैं."
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 'सिस्टम में बैठे लोग विपक्षी नेताओं की जासूसी कराते हैं और उद्योगपति सरकार को मार्केटिंग के लिए पैसे देते हैं.'
उन्होंने दावा किया कि निचले स्तर पर हर जगह सिस्टम ने अपना एक आदमी बैठा रखा है.
उन्होंने इस मामले में क्रिकेट का ज़िक्र भी किया और कहा कि सचिन तेंदुलकर, कपिल देव के होते हुए भी वहां अमित शाह के बेटे को बैठा दिया गया.
राहुल गांधी ने कहा, "स्डूडेंट्स यही सवाल करते हैं कि ऐसा कैसे हुआ. संस्थाएं अपना काम क्यों नहीं करतीं. सिस्टम स्टूडेंट्स नहीं चाहते, सिस्टम 'अंधभक्त' चाहते हैं. वो नफ़रत फैलाते हैं और नफ़रत से बात करते हैं."
राहुल गांधी ने आरोप लगाया, "अंधभक्त अहंकार से भरा होता है. स्टूडेंट डरता नहीं है, लेकिन अंधभक्त डरता है. वह महिलाओं पर आक्रमण करता है, उनका अपमान करता है. वह बेईमान और झूठा होता है. इसलिए सिस्टम अंधभक्त तैयार करता है और उन्हें पूरे देश में फ़ैलाता है."
इमेज स्रोत, @RahulGandhi इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने शिक्षा बजट में कटौती कर दी है
राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार के दौर में शिक्षा बजट में बड़ी कटौती कर दी.
इसमें आरोप लगाया गया कि साल 2004 में शिक्षा के लिए बजट में 2.6% रकम दी जाती थी, जिसे 2014 तक बढ़ाकर 4.6% किया गया.
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पिछले दस साल में यह बजट काटते-काटते 2.6% कर दिया गया और शिक्षा पर 7.7 लाख करोड़ रुपये की कटौती कर दी गई.
उन्होंने आरोप लगाया, "सरकार ने 1.5 करोड़ स्टूडेंट्स की स्कॉलरशिप काट दी और शिक्षकों के 10 लाख पद खाली पड़े हैं."
राहुल गांधी ने कहा, "निजीकरण की बात करें तो एक लाख सरकारी स्कूल बंद हो गए हैं. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि देशभर में एक लाख स्कूल बंद हुए, लेकिन इनमें से 55 फीसदी स्कूल अकेले मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बंद हुए."
"फिर हॉस्टल का मुद्दा है. हर 100 छात्रों में से केवल 14 छात्रों को ही हॉस्टल में जगह मिल पाती है. यहां भी उन्होंने उदाहरण दिए, लेकिन मुख्य मुद्दा निजीकरण और खर्च में कटौती का है, जो 'सबका साथ, मेरा विकास' के नारे के विपरीत है. जब सरकार शिक्षा में कम निवेश करती है, तो छात्र को जोखिम में डाल दिया जाता है."
इमेज स्रोत, @RahulGandhi इमेज कैप्शन, इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान भीड़
इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम के पहले पुलिस ने 31 तरह की शर्तें रखी थीं. इन शर्तों में राहुल गांधी के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राहुल गांधी की हत्या का ज़िक्र भी किया गया.
शर्तों में राजीव गांधी हत्याकांड के बाद बनी जस्टिस जेएस वर्मा आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया गया.
पुलिस के मुताबिक़, "1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक आयोजनों को लेकर सामने आई कमियों के मद्देनजर वर्मा आयोग ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे. इसी रिपोर्ट का संदर्भ देते हुए इस बार राहुल गांधी के कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने पर जोर दिया गया."
पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग, प्रवेश और निकासी व्यवस्था के साथ-साथ आयोजकों की ज़िम्मेदारियां भी तय की.
इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने एक्स पर टिप्पणी की और कहा, "जैसे-जैसे 'छात्रों की गूंज' एक शहर से दूसरे शहर जा रहा है, वैसे-वैसे इसे रोकने के लिए बीजेपी सरकार के बहाने, धमकियां और घटिया हथकंडे भी सामने आ रहे हैं. अब मध्य प्रदेश सरकार की बारी है."
उन्होंने लिखा, "श्री राजीव गांधी की हत्या का हवाला देने से लेकर कोचिंग सेंटरों पर इस तरह के शपथपत्र पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाने तक कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स की सुरक्षा के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाएगा."
"बीजेपी इस संभावना से साफ तौर पर घबराई हुई है कि छात्र एकजुट होकर अपनी आवाज़ उठाएंगे. लेकिन डराने-धमकाने से उनकी आवाज नहीं दबेगी. बीजेपी का खेल खत्म हो गया है. उसके दिन गिने-चुने रह गए हैं."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.