टीईटी परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग ने जारी की नई गाइडलाइन
भोपाल। प्रदेश में होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर शिक्षा विभाग ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके तहत यह स्पष्ट किया गया है कि किन शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है और किन्हें इससे छूट दी गई है। परीक्षा का आयोजन माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपी बोर्ड) द्वारा ऑफलाइन मोड में किया जाएगा।
शिक्षा विभाग की गाइडलाइन के अनुसार, जिन शिक्षकों ने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत आयोजित पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है, उनके लिए टीईटी परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य होगा। इसमें सरकारी स्कूलों में कार्यरत प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के शिक्षक शामिल हैं। प्राथमिक स्तर पर सहायक शिक्षक, प्राथमिक शिक्षक, सहायक अध्यापक, संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-3 तथा प्राथमिक शिक्षक विज्ञान/प्रयोगशाला शिक्षक परीक्षा के दायरे में आएंगे। वहीं माध्यमिक स्तर पर उच्च श्रेणी शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, अध्यापक और संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-2 को भी परीक्षा में शामिल होना होगा।
सीटीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों को परीक्षा से छूट
जिन शिक्षकों ने केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) उत्तीर्ण कर ली है, उन्हें इस टीईटी परीक्षा में शामिल होने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके अलावा अशासकीय विद्यालयों में प्राथमिक एवं माध्यमिक कक्षाओं में अध्यापन करने वाले शिक्षक भी पात्रता परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। गाइडलाइन के मुताबिक टीईटी परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया कर्मचारी चयन मंडल के पोर्टल के माध्यम से होगी। आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 5 अक्टूबर निर्धारित की गई है।
पांढुर्णा जिले के षिक्षको छिंदवाड़ा परीक्षा केन्द्र पर दे सकेंगे परीक्षा
शिक्षकों को उनके कार्यरत जिले के जिला मुख्यालय पर परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा। पांढुर्णा और मऊगंज जिले के शिक्षक पूर्व निर्धारित जिलों क्रमश छिंदवाड़ा और रीवा के परीक्षा केंद्रों पर ही परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। किसी जिले में परीक्षार्थियों की संख्या अत्यंत कम होने की स्थिति में समीपवर्ती जिले अथवा संभागीय स्तर पर परीक्षा केंद्र आवंटित करने का अधिकार माध्यमिक शिक्षा मंडल के पास रहेगा।
करीब डेढ़ लाख शिक्षक दायरे में
टीईटी परीक्षा का आयोजन माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा किया जाएगा। विभाग के अनुसार प्रदेश में करीब डेढ़ लाख शिक्षक परीक्षा के दायरे में आ रहे हैं। अब तक करीब 19 हजार आवेदन भरे जा चुके हैं। शिक्षक संगठनों की ओर से लंबे समय से परीक्षा को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन जारी करने की मांग की जा रही थी, इसके चलते विभाग ने यह गाइडलाइन जारी की है।
कांग्रेस ने रोजगार, भर्ती, शिक्षा के मुद्दे उठाए, सरकार से मांगा जवाब
छात्रों के सवालों को लेकर कांग्रेस का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान
भोपाल। इंदौर के भारत जोड़ो मैदान में 19 सितंबर को आयोजित होने वाले कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संयुक्त प्रेस वार्ता की। कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा, रोजगार, सरकारी भर्तियों, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाते हुए प्रदेश और केंद्र सरकार से जवाब मांगे।
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों के सवालों को सामने रखने वाला आंदोलन है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनना और उनके सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है। चौधरी ने आरोप लगाया कि विभिन्न स्थानों पर छात्रों के आंदोलनों को दबाने के लिए बल प्रयोग और दमनात्मक कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे के बाद अब इंदौर में छात्रों की आवाज उठाई जा रही है। चौधरी ने कहा कि मध्य प्रदेश के दो विद्यार्थियों की मौत का मामला भी गंभीर है। उन्होंने देवास के उस छात्र का उल्लेख किया, जिसकी दिल्ली विश्वविद्यालय में मृत्यु हुई थी। उन्होंने कहा कि छात्र की मां अब भी न्याय की मांग कर रही है और सरकार से जवाब चाहती है।
खाली पदों और बेरोजगारी का मुद्दा उठाया
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकारी विभागों में रिक्त पदों और युवाओं की बेरोजगारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश में सरकारी विभागों में 1.04 लाख से अधिक पद खाली हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि इन पदों पर भर्ती कब की जाएगी। पटवारी ने यूडीआईएसई प्लस 2025 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं में बेरोजगारी दर 4.2 प्रतिशत, जबकि शहरी युवाओं में यह दर 9.1 प्रतिशत दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसरों की कमी के कारण युवाओं को दूसरे शहरों और राज्यों की ओर पलायन करना पड़ रहा है। शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पटवारी ने कहा कि यूडीआईएसई प्लस के अनुसार प्रदेश में 7,217 सिंगल-टीचर स्कूल हैं, जहां करीब 2.29 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी। पटवारी ने कहा कि युवा प्रवचन नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, भर्ती और अपने भविष्य को लेकर स्पष्ट जवाब चाहते हैं।
शिक्षा बजट और शिक्षक पदों का मुद्दा
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक भर्ती, बैकलॉग और युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी पढ़कर आगे बढ़ना चाहते हैं, उनके सामने शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई चुनौतियां हैं। सिंघार ने शिक्षा के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने दावा किया कि सरकारी स्कूलों में 72 हजार से अधिक शिक्षक पद खाली हैं और 90 हजार से अधिक पदों पर बैकलॉग भर्ती लंबित है। उन्होंने अतिथि शिक्षकों के आंदोलन और पेसा कानून से जुड़े आदिवासी वर्ग के मुद्दों का भी उल्लेख किया। सिंघार ने प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने ओबीसी आरक्षण को लेकर भी सरकार से स्पष्ट स्थिति सामने रखने की मांग की।
युवाओं के मुद्दों को राष्ट्रीय मंच देने का दावा
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ के जरिए छात्रों और युवाओं को अपनी बात रखने का मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 19 सितंबर को इंदौर में होने वाले आयोजन में शिक्षा, रोजगार, भर्ती और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। सिंघार ने कहा कि कांग्रेस युवाओं के अधिकारों से जुड़े सवालों को लगातार उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि इंदौर से उठने वाली ‘छात्रों की गूंज’ को देशभर के युवाओं की आवाज बनाने का प्रयास किया जाएगा।
यूपीआई पर शुल्क लगा तो 1999 तक ही पेमेंट, पेट्रोल पंप डीलर्स का ऐलान
पेट्रोल-डीजल के दाम तय होने से मार्जिन बढ़ाने की गुंजाइश नहीं
भोपाल। यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाए जाने की किसी भी संभावित व्यवस्था को लेकर मध्यप्रदेश में पेट्रोल पंप डीलर्स ने अपना रुख साफ कर दिया है। मध्यप्रदेश पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन का कहना है कि यदि यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाया गया तो पेट्रोल पंपों पर 2000 रुपए या उससे अधिक का भुगतान यूपीआई से स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे में 1999 रुपए तक के भुगतान की ही सुविधा जारी रखने की बात कही गई है।
मध्यप्रदेश पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पेट्रोल पंप संचालक आशंकित नहीं हैं, बल्कि उनका रुख स्पष्ट है। उन्होंने कहा, ष्हम आशंकित नहीं हैं, हम स्ट्रेट फारवर्ड हैं। उनका कहना है कि यदि यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाया जाता है तो 2000 रुपए से अधिक का भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा और 1999 रुपए तक ही यूपीआई से भुगतान लिया जाएगा। सिंह ने कहा कि पेट्रोल पंप कारोबार में मार्जिन काफी कम होता है। कपड़ा कारोबारियों के पास कीमत में बदलाव कर अतिरिक्त लागत को समायोजित करने का विकल्प होता है, लेकिन पेट्रोल और डीजल के दाम निर्धारित होते हैं। ऐसे में यूपीआई भुगतान पर कोई शुल्क लगने पर पेट्रोल पंप संचालक उसकी भरपाई उत्पाद की कीमत बढ़ाकर नहीं कर सकते।
सरकार का कैश फ्लो और नोट छापने का खर्च घटा
सिंह ने यूपीआई व्यवस्था को लेकर सरकार की नीति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि डिजिटल भुगतान बढ़ने से नकदी का इस्तेमाल कम हुआ है और नोटों की छपाई पर होने वाले खर्च में भी कमी आई है। ऐसे में उनका तर्क है कि डिजिटल भुगतान की लागत सर्विस प्रोवाइडर को वहन करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को एक ओर नोट छापने में होने वाले खर्च में बचत हो रही है और दूसरी ओर यदि यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाया जाता है तो इसका भार कारोबारियों पर पड़ेगा। उन्होंने इसे लेकर सरकार की नीतियों की आलोचना भी की।
दुकानदारों में भी शुल्क को लेकर चिंता
यूपीआई शुल्क की संभावित व्यवस्था को लेकर पेट्रोल पंपों के अलावा अन्य कारोबारियों और दुकानदारों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है। कई दुकानदार ग्राहकों को यह संकेत देने लगे हैं कि यदि डिजिटल भुगतान पर शुल्क लागू हुआ तो उसकी भरपाई ग्राहकों से की जा सकती है। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं और मीम्स सामने आ रहे हैं।
प्रदेश से गुजरेगी ‘वडनगर से वाराणसी सेवा यात्रा’
भाजयुमो के सेवा यात्री प्रदेश में करेंगे विभिन्न जनसेवा गतिविधियां
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा शुरू की गई ‘वडनगर से वाराणसी सेवा यात्रा’ मध्यप्रदेश से भी होकर गुजरेगी। यात्रा 17 सितंबर से शुरू हुई है और 7 अक्टूबर तक चलेगी। यात्रा के तहत वडनगर से वाराणसी और वाराणसी से वडनगर की ओर दो समानांतर यात्राएं निकाली गई हैं।
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने बताया कि देशभर से एक हजार से अधिक युवा ‘सेवा यात्री’ के रूप में अभियान में शामिल होंगे। यात्रा के 20 मार्ग निर्धारित किए गए हैं, जिनमें मध्यप्रदेश भी शामिल है। प्रत्येक मार्ग पर 25 मोटरसाइकिल और 50 सेवा यात्री रहेंगे। मध्यप्रदेश में यात्रा के दौरान युवाओं द्वारा स्थानीय स्तर पर जनसेवा और जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। टेलर के अनुसार, यात्रा का उद्देश्य युवाओं को सेवा, समाज और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना है। यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर करीब 25 प्रकार की सेवा गतिविधियां प्रस्तावित हैं। इनमें वृक्षारोपण, सेवा वाटिका, स्वच्छता अभियान, जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त जागरूकता, नशा मुक्ति, टीबी मुक्त भारत अभियान तथा सफाई कर्मचारियों और साधु-संतों के सम्मान जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।
यात्रा गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार से होकर गुजरेगी। कुल 193 जिलों, 773 तहसीलों और 1,159 गांवों को यात्रा से जोड़ा जाएगा। यात्रा के दोनों मार्ग आस्था और संस्कृति से भी जुड़े हैं। वडनगर से वाराणसी जाने वाले यात्री गुजरात की पवित्र नदियों का जल लेकर काशी विश्वनाथ धाम में जलाभिषेक करेंगे, जबकि वाराणसी से वडनगर जाने वाले यात्री उत्तर प्रदेश की पवित्र नदियों का जल लेकर वडनगर स्थित श्री हाटकेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे।
जेलों में बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य पर जोर
भोपाल सेंट्रल जेल में लगा जागरूकता शिविर
भोपाल। जेलों में निरुद्ध बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य और व्यवहारिक सुधार को लेकर जेल विभाग ने पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में जेल विभाग और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत 15 सितंबर को केंद्रीय जेल भोपाल में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं परामर्श शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विशेषज्ञ ने बंदियों से संवाद कर मानसिक तनाव और व्यक्तिगत समस्याओं को समझा तथा जरूरत के अनुसार काउंसलिंग और मार्गदर्शन दिया।
महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं डॉ. वरुण कपूर के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर से आए फोरेंसिक साइकोलॉजिस्ट ओम तिवारी ने बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व और मानसिक तनाव से जुड़ी समस्याओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बंदियों से व्यक्तिगत संवाद करते हुए उनकी मानसिक एवं व्यक्तिगत समस्याओं को समझने का प्रयास किया। शिविर में बंदियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ के समक्ष अपनी जिज्ञासाएं और समस्याएं साझा कीं। विशेषज्ञ ने उनकी बातों को समझते हुए आवश्यक परामर्श और मार्गदर्शन प्रदान किया।
मेधावी छात्रों आज मिलेगी ई-स्कूटी, 12वीं में टॉप करने वालों को मिलेगा लाभ
भोपाल। शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों के होनहार विद्यार्थियों के सपनों को अब नए पंख मिलने जा रहे हैं। उच्च शिक्षा की राह को आसान बनाने और मेधावी छात्रों के परिश्रम को सम्मानित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार, 19 सितंबर को विद्यार्थियों को एक बड़ी सौगात देंगे।
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत प्रदेश भर के 7,400 से अधिक उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ई-स्कूटी वितरित की जाएगी। राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम राजधानी भोपाल के शिवाजी नगर स्थित शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सुबह 9 बजे से आयोजित होगा। स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग के शासकीय स्कूलों में नियमित अध्ययनरत वे विद्यार्थी, जिन्होंने 12वीं की परीक्षा में प्रथम प्रयास में न्यूनतम 70 फीसदी अंक लाकर अपने स्कूल में पहला स्थान प्राप्त किया है। योजना में कला, विज्ञान, वाणिज्य सहित सभी संकायों के टॉपर विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। मोटराइज्ड स्कूटी के लिए अधिकतम 90,000 और ई-स्कूटी खरीदने के लिए अधिकतम 1.20 लाख तक की राशि प्रदान की जाती है।
23 हजार से अधिक छात्र हो चुके हैं लाभान्वित
प्रदेश सरकार की यह पहल न केवल विद्यार्थियों को कॉलेज आने-जाने की सुविधा प्रदान कर रही है, बल्कि शासकीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल भी बेहतर बना रही है। योजना के माध्यम से अब तक 23,000 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राएं लाभान्वित हो चुके हैं। राज्य सरकार इस योजना पर अब तक लगभग 246 करोड़ रुपये की राशि खर्च कर चुकी है।
कूनो में भारत में जन्मी मादा चीता केजीपी-12 ने 4 शावकों को दिया जन्म
प्रदेश में अब तक 36 शावकों का हो चुका है जन्म
भोपाल। जीवन अपना रास्ता खुद ढूंढ ही लेता है और यही प्रकृति इसे और भी रोमांचक बनाती है। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चार नए नन्हें मेहमानों की आमद पर यह उद्गार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक और हर्ष का क्षण बताया। भारत में ही जन्मी मादा चीता केजीपी-12 ने शुक्रवार को चार स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इस नई आमद के साथ ही देश में चीतों की कुल संख्या 52 से बढ़कर 56 हो गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 17 सितंबर 2022 को शुरू हुए श्प्रोजेक्ट चीताश् के चार वर्ष पूर्ण होने के ठीक अगले दिन मिली यह सफलता वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक नया मुकाम है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रोजेक्ट चीता से जुड़े सभी अधिकारियों और मैदानी अमले को बधाई देते हुए कहा कि कूनो में जन्मे ये नन्हें शावक हमारी आशा, जीवटता और सफलता का सुंदर प्रतीक हैं। यह उपलब्धि न केवल चीतों की आबादी बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि यह भी साबित करती है कि कूनो का प्राकृतिक वातावरण चीतों के स्वाभाविक प्रजनन और संरक्षण के लिए पूरी तरह अनुकूल हो चुका है।
आंकड़ों में चीता पुनर्स्थापना का सफर
सितंबर 2022 में नामीबिया से 8, फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 और फरवरी 2026 में बोत्सवाना से 9 चीते भारत लाए गए थे। सफल पुनर्स्थापना और अनुकूल वातावरण के चलते अब तक भारत की धरती पर 36 शावकों का जन्म हो चुका है। प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में अब चीतों की संख्या 53 हो गई है, जबकि गांधी सागर वन्यजीव अभ्यारण्य में 3 चीते मौजूद हैं। इस प्रकार मध्यप्रदेश में कुल चीतों का कुनबा बढ़कर 56 तक पहुंच गया है।
सेवा संकल्प अभियान पर छह जिलों में बनेगी विशाल मानव रंगोली
भोपाल समेत इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, झाबुआ और आलीराजपुर में होगा आयोजन
भोपाल। सेवा, सहभागिता और राष्ट्र निर्माण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मध्यप्रदेश में 9 और 10 अक्टूबर को विशेष आयोजन किया जाएगा। सेवा के रंग, राष्ट्र के संग थीम पर प्रदेश के छह जिलों में विशाल मैदानों पर मानव रंगोली बनाई जाएगी। हजारों नागरिक एक निर्धारित स्वरूप में एक साथ खड़े होकर सेवा, राष्ट्रभावना, स्थानीय संस्कृति और विकसित भारत के संकल्प को जीवंत रूप देंगे।
आयोजन के दौरान ड्रोन कैमरों से मानव रंगोली का हवाई दृश्य भी रिकॉर्ड किया जाएगा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, झाबुआ और आलीराजपुर में होने वाले इस आयोजन में जनभागीदारी को केंद्र में रखा गया है। बड़ी संख्या में नागरिक निर्धारित प्रारूप में एकत्र होकर मानव रंगोली का निर्माण करेंगे। ऊपर से देखने पर यह मानव रंगोली एक विशाल चित्र और संदेश के रूप में दिखाई देगी। आयोजन के दृश्यों को ड्रोन के माध्यम से रिकॉर्ड कर जनभागीदारी के व्यापक स्वरूप को सामने लाया जाएगा।
सेवा को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का संदेश
सेवा के रंग, राष्ट्र के संग कार्यक्रम के माध्यम से सेवा को महज एक गतिविधि के बजाय सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ने का संदेश दिया जाएगा। मानव रंगोली में स्थानीय कला एवं लोक-संस्कृति के साथ विकसित भारत के संकल्प और देश की प्रगति की झलक भी प्रस्तुत की जाएगी।
लोक-संस्कृति और तकनीक का संगम
आयोजन में मध्यप्रदेश की स्थानीय कला और लोक-संस्कृति को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ा जाएगा। विशाल मानव रंगोली के निर्माण के दौरान ड्रोन शूटिंग के जरिए ऊपर से पूरे आयोजन का दृश्य रिकॉर्ड किया जाएगा। इससे छह जिलों में होने वाली जनभागीदारी को एक व्यापक दृश्य के रूप में प्रस्तुत करने और सेवा संकल्प का संदेश अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की योजना है।d