'रूस में तेल ठिकानों पर हमले रोकें जेलेंस्की': ट्रंप ने क्यों दी चेतावनी, युद्ध खत्म कराने की कोशिश या कुछ और?

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sun, 13 Sep 2026 07:17 PM IST

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों, ईंधन भंडारों और ऊर्जा ठिकानों पर ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। अब अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से रूस में डीजल ईंधन को नुकसान पहुंचाने वाले हमले रोकने को कहा है। क्या ट्रंप का संदेश शांति की पहल है या इसके पीछे कोई और रणनीति है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

Trump Warns Zelenskyy to Stop Attacks on Russian Oil Sites: Is It a Push to End the War or Something Else

यूक्रेन के रूस पर तेल हमलों से ट्रंप क्यों चिंतित? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से रूस के भीतर तेल और ऊर्जा ठिकानों पर हो रहे हमले रोकने को कहा है। ट्रंप ने रविवार को पत्रकारों से कहा कि जेलेंस्की को रूस में डीजल ईंधन को नुकसान पहुंचाने वाले हमले बंद करने होंगे। यूक्रेन ने हाल के महीनों में रूस के भीतर लंबी दूरी के ड्रोन हमले बढ़ाए हैं। इन हमलों में तेल रिफाइनरियों, ईंधन भंडारों और अन्य ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया जा रहा है।

ट्रंप ने जेलेंस्की से हमले रोकने को क्यों कहा?

ट्रंप ने कहा कि जेलेंस्की को एक काम करना होगा और वह है रूस में डीजल ईंधन को नुकसान पहुंचाने वाले हमले रोकना। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर जेलेंस्की से अमेरिका की बातचीत हो चुकी है। ट्रंप का बयान यूक्रेन की उस सैन्य मुहिम के बीच आया है, जिसमें रूस के अंदर काफी दूर तक ड्रोन भेजकर ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है। इन हमलों से रूस में तेल उत्पादन और ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

रूस की तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेन के हमले कितने अहम?

यूक्रेन ने हाल के महीनों में रूस की तेल रिफाइनरियों, ईंधन डिपो और अन्य ऊर्जा केंद्रों पर हमले तेज किए हैं। लंबी दूरी के ड्रोन के जरिए रूस के अंदर मौजूद इन ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। इसका असर तेल उत्पादन और ईंधन की आपूर्ति पर पड़ रहा है। यूक्रेन के लिए रूस के ऊर्जा ढांचे पर हमला युद्ध में दबाव बनाने का एक तरीका है। वहीं, रूस के लिए तेल और ईंधन से जुड़ी सुविधाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि उनका संबंध ऊर्जा व्यवस्था और युद्ध दोनों से है।

क्या ट्रंप की चेतावनी का संबंध युद्ध खत्म कराने की कोशिश से है?

  • ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने की कोशिश में जुटा है। यह युद्ध अब पांचवें वर्ष में पहुंच चुका है। ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने बयान से करीब एक सप्ताह पहले मास्को और कीव का दौरा किया था। दोनों ने पहले रूसी अधिकारियों से मुलाकात की और इसके बाद कीव में जेलेंस्की से बातचीत की। रूस के 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर हमले के बाद यह दोनों की यूक्रेन की राजधानी की पहली यात्रा थी।
  • रूस और यूक्रेन की यात्रा के बाद ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत की। ट्रंप लगातार युद्ध खत्म कराने के लिए प्रयास कर रहे हैं। रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष यूरोप में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े और खूनी संघर्षों में शामिल है। ऐसे में अमेरिका दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। रूस के अंदर तेल और ऊर्जा ठिकानों पर लगातार हमले इस प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।

शांति पहल से इतर ट्रंप को और क्या फायदा?

  • यदि रूस की रिफाइनरियां और तेल संरचनाएं क्षतिग्रस्त होती हैं, तो वैश्विक बाजार में डीजल, पेट्रोल और कच्चे तेल की आपूर्ति घट सकती है। आपूर्ति में कमी से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम तेजी से बढ़ सकते हैं। इसका सीधा असर अमेरिका के घरेलू पेट्रोल और डीजल पंपों पर पड़ता है। ये आम नागरिकों की जेब और महंगाई को प्रभावित करते हैं। 
  • अमेरिका को डर रहता है कि रूसी तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों के जवाब में रूस पश्चिमी देशों द्वारा उपयोग किए जाने वाले ट्रांजिट रूट या ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बना सकता है, जिससे यूरोप और पश्चिमी सहयोगियों के लिए ऊर्जा संकट खड़ा हो सकता है। वाशिंगटन इस बात को लेकर भी सतर्क रहता है कि संघर्ष अनियंत्रित होकर नाटो और रूस के बीच सीधे टकराव का रूप न ले ले।

क्या रूस के ऊर्जा ठिकानों पर हमले शांति प्रक्रिया में बाधा हैं?

  • ट्रंप की टिप्पणी से इतना साफ है कि अमेरिका रूस के ऊर्जा ढांचे पर यूक्रेन के हमलों को लेकर चिंतित है। रूस के भीतर तेल रिफाइनरियों और ईंधन सुविधाओं पर हमले यूक्रेन की सीमा से काफी दूर तक संघर्ष को पहुंचाते हैं। अगर अमेरिका युद्ध रोकने के लिए दोनों पक्षों के बीच समझ बनाने की कोशिश कर रहा है, तो ऐसे हमलों को सीमित करना उसकी कोशिश का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, दिए गए बयान में किसी अंतिम समझौते या युद्धविराम की शर्तों का विवरण नहीं दिया गया है।
  • यूक्रेन की ओर से रूस के तेल और ऊर्जा ठिकानों पर हमले ऐसे समय जारी हैं, जब ट्रंप रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। एक तरफ यूक्रेन रूस की ऊर्जा व्यवस्था पर दबाव बनाने के लिए ड्रोन हमलों का इस्तेमाल कर रहा है, तो दूसरी तरफ अमेरिका इन हमलों को रोकने का संदेश दे रहा है। इसलिए ट्रंप का ताजा बयान युद्ध के सैन्य और कूटनीतिक, दोनों पहलुओं से जुड़ा हुआ है।

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