'2029 से पहले भाजपा शासित राज्यों में लागू होगा यूसीसी': पीएम के जन्मदिन पर क्या खास? अमित शाह ने बताई योजना

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sun, 13 Sep 2026 04:53 PM IST

भाजपा शासित राज्यों में 2029 से पहले समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी लागू करने की तैयारी का संकेत अमित शाह ने दिया है। साथ ही पीएम मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक देशभर में सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। इस साल यह अभियान इसलिए भी खास है, क्योंकि 7 अक्तूबर 2026 को मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार जनसेवा के 25 साल पूरे होंगे। आइए, विस्तार से जानते हैं कि भाजपा का पूरा प्लान क्या है?

UCC Before 2029? Amit Shah Reveals BJP’s Plan for States and PM Modi’s Birthday Celebrations

अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

केंद्र की भाजपा सरकार के बाद अब भाजपा शासित राज्यों में भी समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी को लेकर बड़ा कदम उठाने की तैयारी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संकेत दिया है कि 2029 से पहले भाजपा शासित राज्यों में यूसीसी लागू किया जाएगा। इसके साथ ही भाजपा ने पीएम मोदी के जन्मदिन को बड़े सेवा अभियान से जोड़ने की योजना बनाई है। यानी एक तरफ यूसीसी को लेकर राज्यों में आगे बढ़ने की तैयारी है तो दूसरी तरफ मोदी के जन्मदिन से देशभर में एक महीने तक सेवा गतिविधियां चलाने की तैयारी है।

पीएम मोदी के जन्मदिन पर क्या होगा खास?

17 सितंबर को पीएम मोदी का जन्मदिन है। इस मौके पर भाजपा, उसके सहयोगी दल, पूरा एनडीए कुनबा, कई स्वयंसेवी संगठन और देश की जनता मिलकर 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक देशभर में 'सेवा संकल्प अभियान' चलाएंगे। अमित शाह ने बताया कि इस अभियान को केवल भाजपा के कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसमें सहयोगी दलों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम लोगों की भी भागीदारी होगी। अभियान के जरिए सेवा को केंद्र में रखकर देशभर में लोगों तक पहुंचने की योजना है।

इस बार एक महीने का अभियान क्यों रखा गया है?

पहले गुजरात में और बाद में देशभर में भाजपा पीएम मोदी के जन्मदिन को 'सेवा सप्ताह' के रूप में मनाती रही है। यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक चलाया जाता था और कई जगह इसे एक सप्ताह तक भी आयोजित किया जाता था। इस बार अभियान की अवधि बढ़ाकर 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक की गई है। इसके पीछे पीएम मोदी की लंबी राजनीतिक और संगठनात्मक यात्रा को खास तौर पर सामने रखना है।

पीएम मोदी के 25 साल पूरे होने से इस अभियान का क्या संबंध है?

अमित शाह के मुताबिक, 7 अक्तूबर 2026 को नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार जनसेवा के 25 साल पूरे होंगे। उनका यह सफर अभी जारी है। शाह ने कहा कि देश में बहुत कम ऐसे नेता हैं, जिन्होंने पहले किसी राज्य के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार 25 साल तक जनसेवा की है। इसलिए इस साल का सेवा संकल्प अभियान सामान्य जन्मदिन कार्यक्रम से अलग महत्व रखता है।

अभियान को कितने बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी है?

'सेवा संकल्प अभियान' को पूरे देश में चलाया जाएगा। इसके तहत देश की हर प्रशासनिक इकाई को अभियान से जोड़ने की योजना है। इसमें सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल होंगे। भाजपा और उसके सहयोगी दलों के साथ स्वयंसेवी संगठनों और आम लोगों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। मकसद यह है कि अभियान केवल बड़े शहरों या चुनिंदा इलाकों तक सीमित न रहे, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचे।

हर जिले और बूथ तक कैसे पहुंचेगा अभियान?

अमित शाह ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान को हर जिले तक ले जाया जाएगा। इसके साथ ही हर लोकसभा क्षेत्र, हर विधानसभा क्षेत्र और हर पोलिंग बूथ तक पहुंचने की योजना है। यानी अभियान का दायरा राष्ट्रीय स्तर से लेकर स्थानीय स्तर तक रखा गया है। इसके जरिए लोगों से सीधे जुड़ने और सेवा गतिविधियों को ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों तक पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।

यूसीसी और सेवा अभियान से भाजपा क्या संदेश देना चाहती है?

एक तरफ 2029 से पहले भाजपा शासित राज्यों में यूसीसी लागू करने का संकेत दिया गया है। दूसरी तरफ पीएम मोदी के जन्मदिन से एक महीने तक चलने वाला सेवा संकल्प अभियान संगठन और जनता को जोड़ने की कोशिश के तौर पर सामने आया है। यूसीसी का मुद्दा भाजपा के बड़े राजनीतिक एजेंडे से जुड़ा है, जबकि सेवा अभियान के जरिए पीएम मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को केंद्र में रखा जा रहा है। ऐसे में आने वाले समय में दोनों मुद्दे भाजपा की राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों में अहम दिखाई दे सकते हैं।

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