नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। केंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। मोदी कैबिनेट ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) की दो प्रमुख मल्टीट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को अपनी आधिकारिक स्वीकृति दे दी है।
कुल 4,254 करोड़ रुपये की लागत से 288 किलोमीटर लंबी दो नई रेल लाइनों कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन और बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन का निर्माण किया जाएगा। इन दोनों परियोजनाओं को वर्ष 2029-30 तक पूर्ण करने की समय-सीमा निर्धारित की गई है
परियोजना की लागत और रूट का विस्तार
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर की गई इस योजना के तहत 201 किलोमीटर लंबी कटनी-पेंड्रा रोड चौथी रेल लाइन के निर्माण पर लगभग 2,975 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इसके साथ ही 87 किलोमीटर लंबी बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी रेल लाइन का निर्माण कार्य 1,279 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच सुगम होगा रेल यातायात
इन नई रेल लाइनों के अस्तित्व में आने से मध्य प्रदेश के शहडोल और अनूपपुर जिलों से छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग तक रेल आवागमन अत्यधिक सुगम हो जाएगा। रेल कॉरिडोर की क्षमता में वृद्धि होने से गाड़ियों की लेट-लैटिफाली से राहत मिलेगी और नई ट्रेनों के परिचालन का रास्ता साफ होगा। इसके अतिरिक्त, माल ढुलाई में गति आने से दोनों राज्यों के व्यापारिक और औद्योगिक विकास को भी नई ऊर्जा मिलेगी।
पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान, रोजगार के नए अवसर
इस रेल विस्तार का सीधा लाभ दोनों पड़ोसी राज्यों के पर्यटन क्षेत्र को प्राप्त होगा। मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्र जैसे बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान और धार्मिक स्थल अमरकंटक के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिजर्व तथा खुटाघाट जलाशय तक देश-विदेश के पर्यटकों की पहुंच बेहद सरल हो जाएगी। पर्यटन क्षेत्र में गति आने से स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसरों का सृजन होगा।