युवा वोटर्स को साधने सक्रिय हुए दल, संघ, सरकार ने भी संभाला मोर्चा

युवा वर्ष, एआई ट्रेनिंग, युवा संसद और छात्रसंघ चुनाव से नई पीढ़ी पर फोकस
भोपाल। प्रदेश की सियासत में आगामी नगरीय निकाय, पंचायत और विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक दलों और संगठनों का पूरा ध्यान अब प्रदेश के युवा मतदाताओं पर टिक गया है। राज्य में 18 से 29 वर्ष की आयु वाले युवा वोटरों की संख्या 1.40 करोड़ से अधिक है, जो किसी भी चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इसी जेन-जी और जेन-अल्फा वर्ग में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, प्रदेश सरकार और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अपने-अपने स्तर पर रणनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं।
भाजपा ने युवाओं से सीधा संवाद स्थापित करने का जिम्मा अपने युवा मोर्चे को सौंपा है। इसके तहत राज्यभर के स्कूलों, कॉलेजों और छात्रवासों में विशेष संपर्क अभियान चलाए जाएंगे। कार्यक्रमों में मंत्री, सांसद और विधायक स्वयं उपस्थित रहकर युवाओं से रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास और स्थानीय समस्याओं पर सीधी बातचीत करेंगे। सूत्रों की माने तो भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल जिलों में सक्रिय युवा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ सीधा संवाद करेंगे, जिसके लिए जिला स्तर पर खाका तैयार किया जा रहा है।
नई पीढ़ी से जुड़ेंगे संघ पदाधिकारी
आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भी नई पीढ़ी से सीधे जुड़ने की योजना बनाई है। शुरुआती चरण में भोपाल में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी युवाओं के साथ संवाद करेंगे। दूसरी ओर राज्य सरकार अगले वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा कर चुकी है। इसके अंतर्गत युवाओं को एआई स्किल ट्रेनिंग, ऑनलाइन कोचिंग और रोजगारपरक प्रशिक्षण जैसे आधुनिक कार्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही, विधानसभा परिसर में आयोजित होने वाली युवा संसद के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव युवाओं को नीति-निर्माण और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जोड़ते हुए राजनीति में सक्रिय भागीदारी का संदेश दे रहे हैं।
एनएसयूआई के जरिए छात्रसंघ चुनाव पर कांग्रेस की नजर
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी युवा वर्ग को अपने पाले में लाने के लिए बड़े पैमाने पर रणनीति तैयार की है। पार्टी की ओर से प्रदेश स्तरीय युवा सम्मेलनों और जिला स्तर पर युवा संवाद कार्यक्रमों का खाका खींचा गया है। कांग्रेस की कोशिश रोजगार, आधुनिक तकनीक के उपयोग और वर्तमान सामाजिक-आर्थिक मुद्दों को उठाकर युवाओं के बीच अपनी पैठ बढ़ाने की है। पार्टी ने अपने छात्र संगठन एनएसयूआई को भी पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। कॉलेजों में छात्रसंघ चुनावों की आहट को देखते हुए एनएसयूआई अभी से जमीनी स्तर पर युवाओं को गोलबंद करने में जुट गई है।
 


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