केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, रविवार को भोपाल में आयोजित बैक टू बेसिक्स लाइव

 
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सर्जिकल वर्कशॉप में सम्मिलित हुए और उपस्थितजनो को संबोधित किया।

पहला सुख निरोगी काया- डॉक्टर्स वास्तव में पुण्य का कार्य कर रहे हैं- शिवराज सिंह चौहान।

डॉक्टर के रूप में लोग भगवान के दर्शन करते हैं- शिवराज सिंह चौहान।

डॉक्टर्स संवेदनाओं के सागर हैं, पीड़ित मानवता के जीवन में नई आशा जगाते हैं- शिवराज सिंह चौहान।

प्रेम जीवन की अमूल्य निधि है और प्रेम का सबसे बड़ा प्रकट रूप सेवा है- शिवराज सिंह चौहान।

दीन-दुखी, गरीब और जरूरतमंद सभी अपने हैं, क्योंकि वास्तव में दूसरा कोई है ही नहीं- शिवराज सिंह चौहान।

                                          प्रविष्टि तिथि: 16 AUG 2026 4:40PM by PIB Bhopal

केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, आज भोपाल में दिव्यशील हेल्थ फाउंडेशन एंड दिव्या एडवांस्ड क्लिनिक द्वारा आयोजित बैक टू बेसिक्स लाइव सर्जिकल वर्कशॉप में शामिल हुए। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, पहला सुख निरोगी काया है। जब व्यक्ति बीमार होता है तो उसका ध्यान किसी दूसरी चीज पर नहीं रहता, वह केवल यही सोचता है कि किसी तरह स्वस्थ कैसे हो जाए। उन्होंने कहा कि बीमारी के कठिन समय में व्यक्ति को डॉक्टर में ही भगवान के दर्शन होते हैं। यदि उसे सही समय पर उचित इलाज मिल जाए और सही दिशा में उपचार मिलने से वह दोबारा निरोग हो जाए, तो इससे बड़ा पुण्य का काम कोई नहीं हो सकता। समाज की सेवा और लोगों को स्वस्थ जीवन देने का कार्य करने वाले ईमानदार और समर्पित डॉक्टर वास्तव में पुण्य का कार्य कर रहे हैं। ऐसे सभी डॉक्टरों को मैं दोनों हाथ जोड़कर और सिर झुकाकर प्रणाम करता हूं, जिन्होंने अपने ज्ञान और सेवा से अनगिनत लोगों को नया जीवन दिया है।

डॉक्टर्स, संवेदनाओं के सागर हैं

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि डॉक्टर के रूप में लोग भगवान के दर्शन करते हैं, क्योंकि किसी पीड़ित और बीमार व्यक्ति की सेवा करना मानवता का सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति का मूल विचार ही यह है कि हम सभी में एक ही चेतना का वास है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा, मैं अंतरात्मा से दो बातें मानता हूं। पहली, हम सबमें एक ही चेतना है। सृष्टि के कण-कण में भगवान विराजमान हैं और हर आत्मा परमात्मा का अंश है। उन्होंने तुलसीदास जी की पंक्ति ‘सिया राममय सब जग जानी’ का उल्लेख करते हुए कहा कि जब दूसरा कोई है ही नहीं और सभी उसी परम चेतना का अंश हैं, तो हमें सभी से प्रेम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रेम जीवन की अमूल्य निधि है और प्रेम का सबसे बड़ा प्रकट रूप सेवा है। यदि कोई व्यक्ति कष्ट में है और हम उससे प्रेम करते हैं तो स्वाभाविक रूप से हम उसकी सहायता करेंगे और उसकी सेवा के लिए आगे आएंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जीवन की सच्ची धन्यता इसी सेवा भाव में है। दीन-दुखी, गरीब और जरूरतमंद सभी अपने हैं, क्योंकि वास्तव में दूसरा कोई है ही नहीं। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दूसरों के प्रति संवेदना और सेवा का भाव मन को अपार आनंद और संतोष देता है। उन्होंने डॉक्टरों की सेवाभावना की सराहना करते हुए कहा कि वे संवेदनाओं के सागर हैं और अपने ज्ञान व सेवा से पीड़ित मानवता के जीवन में नई आशा जगाते हैं।

अटल जी की आवाज में था देशभक्ति जगाने का जादू

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज जब ईएनटी की बात होती है तो गले और आवाज का विशेष महत्व सामने आता है। आवाज में ऐसी अद्भुत शक्ति होती है, जो लोगों के दिलों को छूने के साथ इतिहास तक बदलने की क्षमता रखती है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ऐसे ही आवाज के जादूगर, भारत के मुकुटमणि और करोड़ों लोगों के हृदयों के हार, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की आज पुण्यतिथि है।

उन्होंने कहा कि जब अटल बिहारी वाजपेयी बोलते थे तो पूरा देश उन्हें सुनता था और उनके शब्दों में खो जाता था। भारत माता की आराधना करते हुए उन्होंने जिस तरह शब्दों को पिरोया और देश के सामने भारत माता के साकार स्वरूप को प्रस्तुत किया, वह उनकी आवाज और वाणी का अद्भुत जादू था। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अटल जी के शब्द केवल भाषण नहीं होते थे, बल्कि वे लोगों के मन में राष्ट्रभक्ति और देश के प्रति समर्पण का भाव जगाते थे। उन्होंने कहा था कि यह देश हमारे लिए केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि एक जीता-जागता राष्ट्रपुरुष है। अटल जी ने अपने शब्दों के माध्यम से हिमालय से लेकर कन्याकुमारी तक भारत के विराट स्वरूप का ऐसा चित्र खींचा, जिसने हर भारतीय के मन में मातृभूमि के प्रति गर्व और समर्पण की भावना भर दी।

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(रिलीज़ आईडी: 2300181) आगंतुक पटल : 29

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