MP Weather: पूर्वी MP में बारिश का दौर,जबलपुर-रीवा-शहडोल समेत 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट,3 दिन रहेगा असर

न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sun, 16 Aug 2026 07:21 AM IST
सार

मध्य प्रदेश में निम्न दाब क्षेत्र और मानसून द्रोणिका के असर से पूर्वी हिस्से में बारिश का नया दौर शुरू हो गया है। जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग समेत 18 जिलों में अगले तीन दिन भारी बारिश की चेतावनी है। प्रदेश में अब तक 21.4 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 3 इंच कम है।

MP Weather: Spell of rain in Eastern MP; heavy rain alert for 18 districts, including Jabalpur, Rewa, and Shah

मौसम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूर्वी हिस्से में सक्रिय हो गया है। निम्न दाब क्षेत्र और मानसून की द्रोणिका के असर से जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में बारिश का दौर तेज होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में 4 इंच या उससे अधिक पानी गिर सकता है। रविवार को जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, पन्ना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, रायसेन और नर्मदापुरम में तेज बारिश के आसार हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश के साथ भोपाल और ग्वालियर-चंबल संभाग में भी मौसम का असर दिखाई देगा। 16 से 18 अगस्त के बीच इन क्षेत्रों के कुछ जिलों में तेज बारिश हो सकती है।
21.4 इंच बारिश, फिर भी सामान्य से 3 इंच पीछे
प्रदेश में अब तक 544.4 मिलीमीटर यानी करीब 21.4 इंच बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य बारिश करीब 24.4 इंच होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अभी करीब 3 इंच पानी कम गिरा है। कुल बारिश सामान्य से 12 प्रतिशत कम है। पूर्वी हिस्से में कमी 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 6 प्रतिशत है।                                                                                          43 जिलों में बारिश का घाटा
प्रदेश के 43 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली और उमरिया समेत कई जिले शामिल हैं। इन जिलों में बारिश की कमी 2 से 54 प्रतिशत तक है। पश्चिमी हिस्से के भी कई जिले बारिश के मामले में पिछड़े हुए हैं। आगर-मालवा, आलीराजपुर, बैतूल, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से कम बारिश हुई है।                                                                    सिर्फ 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी
प्रदेश के 12 जिलों में अब तक सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। इनमें भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन शामिल हैं।
जुलाई ने संभाला, जून की कमी अब भी बाकी
जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से स्थिति सुधरी और महीने का बारिश कोटा पूरा हो गया। हालांकि, इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक आने से कई दिन बारिश थमी रही। अब अगस्त में एक बार फिर मजबूत सिस्टम सक्रिय होने से पूर्वी जिलों में बारिश का दौर तेज हुआ है, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी है। मध्य प्रदेश में पूरे मानसून सीजन की सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच के आसपास रहता है।

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