मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं, किसानों, महिलाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग और ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों के लिए आगामी योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया।
2027 युवा कल्याण वर्ष, 1 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण।
अगले छह माह में 1000 डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक स्टेडियम बनाने का लक्ष्य। ड डेस्क, भोपाल। देश का 80वां स्वाधीनता दिवस राजधानी भोपाल सहित सभी जगह धूमधाम से मनाया गया। भोपाल में भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ध्वजारोहण किया और परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं तथा प्रदेशवासियों के नाम संदेश दिया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने युवाओं, किसानों, महिलाओं, स्वास्थ्य, उद्योग, शिक्षा, पर्टन, अधोसंरचना और ऊर्जा समेत कई क्षेत्रों को लेकर सरकार की आगामी योजनाओं और लक्ष्यों का खाका पेश किया।यूसीसी से महिलाओं को मिलेगी अत्याचार से मुक्तिमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "एक देश- एक विधान- एक प्रधान- एक निशान" के विचार को धरातल पर उतारकर, सबके लिए एक जैसा कानून लागू कर रहें हैं। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) एक भेदभावपूर्ण व्यवहार को समाप्त कर समरसता का संचार करेगी। यूसीसी महिलाओं को अत्याचार और अन्याय से मुक्ति दिलाएगी।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 को युवा कल्याण वर्ष के रूप में समर्पित करने की घोषणा की। उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता, रोजगार, स्टार्ट-अप, खेल-कला-संस्कृति और नेतृत्व क्षमता को युवाओं के विकास के सात प्रमुख स्तंभ बताया। अगले एक साल में एक लाख से अधिक युवाओं को आईटीआई और हर साल 10 हजार युवाओं को ग्लोबल स्किल पार्क में प्रशिक्षण देने की योजना है।
सरकार ने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले या परीक्षा में सफल नहीं हो पाने वाले युवाओं को भी हुनर से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। अगले ढाई साल में ऐसे युवाओं पर विशेष फोकस कर उन्हें रोजगार के लिए सक्षम बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में फिलहाल करीब 8 हजार स्टार्ट-अप संचालित हैं। इनकी संख्या बढ़ाकर 12 हजार से अधिक करने और 100 नए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य है। ड्रोन, सेमीकंडक्टर, एआई, स्पेसटेक और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में एमएसएमई की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले छह महीनों में एक हजार डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। 1 नवंबर 2026 से मरीजों की जांच को पेपरलेस बनाने की योजना है। मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों का ऑनलाइन परामर्श उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा। प्रदेश में एक और चिकित्सा विश्वविद्यालय खोलने तथा आठ नए आयुर्वेदिक महाविद्यालयों का निर्माण शुरू करने की जानकारी भी दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए मुख्यमंत्री युवा शक्ति योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक स्टेडियम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने हाल के ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश के खिलाड़ियों की उपलब्धियों की जिक्र करते हुए पदक विजेताओं को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि भूमि के भू-अर्जन पर किसानों को चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों के खातों में तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजाभोज द्वारा स्थापित भोजशाला, सदियों तक ज्ञान-विज्ञान-अनुसंधान और संस्कृत भाषा का सबसे प्रखर केन्द्र रही है। भोजशाला में राज्य सरकार, भव्य सरस्वती लोक बनाएगी तथा यहां राजा भोज संस्थान की स्थापना की जायेगी। मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक एवं अध्यात्मिक अभ्युदय के लक्ष्य के साथ, 17 धार्मिक एवं सांस्कृतिक लोकों का निर्माण किया जा रहा है।
भोपाल और इंदौर के सुनियोजित विकास के लिए मेट्रोपॉलिटन रीजन विकसित करने का निर्णय लिया गया है। भविष्य में जबलपुर और ग्वालियर को भी इसी तर्ज पर विकसित करने की योजना है। मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले ढाई वर्षों में करीब 23 हजार करोड़ रुपये की लागत से 15 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण, उन्नयन और सुदृढ़ीकरण किया गया है।
मध्य प्रदेश की विद्युत क्षमता में ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी 30 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की योजना पर काम चल रहा है। नर्मदापुरम में नवकरणीय ऊर्जा उपकरणों का विनिर्माण क्षेत्र, मक्सी में सोलर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और मुरैना में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत प्रदेश के प्रमुख शहरों में 550 से अधिक ई-बसों के संचालन का निर्णय लिया गया है। भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजनाओं के साथ मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना भी जल्द शुरू करने की बात कही गई।
उज्जैन सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और आस्था को केंद्र में रखकर शिप्रा नदी के निर्मल जल समेत अन्य व्यवस्थाओं पर काम जारी है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ का आध्यात्मिक वैभव पूरी दुनिया को आकर्षित करेगा।
सरकार ने प्रदेश के सभी 55 जिलों को निर्यात हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है। प्रत्येक जिले में एमएसएमई पार्क और प्रदेश में 10 एमएसएमई क्लस्टर विकसित करने की योजना है। वर्ष 2027 में भोपाल में फिर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करने की घोषणा भी मुख्यमंत्री ने की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना करीब 1.25 करोड़ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का माध्यम बनी है। लाड़ली लक्ष्मी योजना से 53 लाख 55 हजार से अधिक बेटियां जुड़ी हैं। उच्च शिक्षा में भी बेटियों की भागीदारी बढ़ने का दावा करते हुए उन्होंने बताया कि कॉलेजों में प्रत्येक 100 बेटों की तुलना में 171 बेटियां दाखिला ले रही हैं।
मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश को देश का मिल्क-कैपिटल बनाने का लक्ष्य दोहराया। प्रदेश में दुग्ध संकलन करीब 12 लाख लीटर प्रतिदिन पहुंचने की जानकारी देते हुए उन्होंने लखपति गौपालक दीदी योजना को बढ़ावा देने की बात कही। मत्स्य पालन नीति-2026 के तहत 7,430 करोड़ रुपये के निवेश और बाय-बैक एग्रीमेंट का भी उल्लेख किया।
सरकार ने वर्ष 2028-29 तक प्रदेश की सकल सिंचाई क्षमता को बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और स्लीमनाबाद टनल परियोजना को भी प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे सरकारी कर्मचारियों में अब तक 67 हजार से अधिक को पदोन्नति का लाभ दिया जा चुका है। कार्यक्रम में राष्ट्रपति पदक प्राप्त 47 अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया।
स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विकास और कल्याण की योजनाओं के साथ मध्य प्रदेश को रोजगार, निवेश, उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में आगे ले जाने का रोडमैप प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से राष्ट्रपति पदक प्राप्त 47 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी पदक प्राप्त किए। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, मध्यप्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, जनप्रतिनिधि, समाज सेवी, छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।