निवेशकों को आकर्षित करने के लिए ग्लोबल स्तर पर संवाद करेगी प्रदेश सरकार। स्किल्ड युवाओं की टीम पहले से रहेगी तैयार। उद्योग लगाने में आवश्यक अनुमतियां ...और पढ़े

मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर निर्माण का बड़ा केंद्र बनेगा।
माइक्रोचिप उत्पादन से भारत की विदेशी निर्भरता होगी कम।
पारस डिफेंस 6,200 करोड़ का सेमीकंडक्टर निवेश करेगा।
राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर निर्माण का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। लक्ष्य है कि प्रदेश में ही माइक्रोचिप तैयार हों और सेमीकंडक्टर के लिए विदेशी बाजार पर भारत की निर्भरता कम हो। निवेशकों को मध्य प्रदेश की ओर आकर्षित करने के लिए सरकार इसी महीने ग्लोबल स्तर पर संवाद कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी में है। भोपाल या इंदौर में प्रस्तावित इ कार्यक्रम में दुनिया के विभिन्न देशों के निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा।संवाद के दौरान निवेशकों को मध्य प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं के साथ प्रदेश की सेमीकंडक्टर नीति, निवेश सुविधाओं और सब्सिडी की जानकारी दी जाएगी। सरकार का प्रयास है कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बड़े निवेश के साथ प्रदेश में अत्याधुनिक तकनीक और रोजगार के अवसर भी विकसित हों।
सेमीकंडक्टर उद्योग के सामने सबसे बड़ी चुनौती कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता को माना जा रहा है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ऐसी एजेंसियों से संपर्क कर रही है, जिनके पास पहले से प्रशिक्षित युवाओं की टीम उपलब्ध हो। इससे निवेश करने वाली कंपनियों को अपनी जरूरत के मुताबिक तैयार मानव संसाधन मिल सकेगा।
इसके साथ ही इंजीनियरिंग कॉलेजों में ईसीई (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग) जैसे तकनीकी पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को भी इस क्षेत्र से जोड़ने की योजना है। इससे प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए स्थानीय स्तर पर कुशल प्रतिभाएं तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।
सरकार निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर भी काम कर रही है। कोशिश है कि निवेशकों को इकाई स्थापित करने के लिए एक महीने के भीतर जमीन आवंटन और जरूरी अनुमतियां मिल जाएं। निवेश प्रक्रिया में देरी न हो, इसके लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग पर्यावरण और फायर सेफ्टी जैसी आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया पहले से पूरी रखने की दिशा में काम करेगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि निवेशक प्रदेश में पहुंचने के बाद बिना अनावश्यक इंतजार के अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर सकें। नीति के प्रावधानों के अनुसार पात्र औद्योगिक इकाइयों को सब्सिडी का लाभ भी दिया जाएगा।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में मध्य प्रदेश को मिल रहे निवेश प्रस्तावों में पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीस लिमिटेड का प्रस्ताव अहम है। कंपनी ने प्रदेश में 6,200 करोड़ रुपये के निवेश से विश्वस्तरीय ओएसएटी (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) सेमीकंडक्टर इकाई स्थापित करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह भी पढ़ें- 'मध्य प्रदेश की राजनीति में वापसी का सवाल ही नहीं', शिवराज सिंह चौहान ने साफ किया रुख
पारस सेमीकंडक्टर्स द्वारा भारत की पहली अत्याधुनिक एडवांस्ड हेटेरोजीनियस पैकेजिंग ओएसएटी इकाई स्थापित करने की योजना है। सरकार को उम्मीद है कि ऐसे निवेश से मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर निर्माण और पैकेजिंग के क्षेत्र में देश के प्रमुख केंद्रों में अपनी जगह बना सकेगा।
मप्र में सेमीकंक्टर के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं से निवेशकों को अवगत कराने के लिए ग्लोबल स्तर पर संवाद करेंगे। भोपाल या इंदौर में जल्द ही एक संवाद कार्यक्रम करेंगे। सरकार का प्रयास है कि निवेशक एक माह के भीतर औद्योगिक इकाई स्थापित कर लें।
- एम सेलवेंद्रन, प्रमुख सचिव, मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग।