घनश्याम सिंह ने लगाया भितरघात का आरोप, राजेंद्र भारती बोले हार की बौखलाहट में दे रहे बयान
भोपाल। प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के मतदान के बाद अब सियासी बयानबाजी का पारा चढ़ गया है। चुनावी नतीजे आने से पहले ही कांग्रेस की अंदरूनी कलह खुलकर सड़कों पर आ गई है। पार्टी प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के बीच शुरू हुए तीखे जुबानी हमले से राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। वहीं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रत्याशी दामोदर यादव के बयानों ने इस घमासान को और हवा दे दी है।
कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह ने आरोप लगाया है कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें पार्टी के भीतर से ही सहयोग नहीं मिला। उन्होंने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर विरोधी खेमे के साथ मिलकर काम करने का सीधा आरोप लगाया है। घनश्याम सिंह का दावा है कि चुनावी गतिविधियों को प्रभावित करने के लिए भाजपा समर्थित लोगों का सहारा लिया गया। उन्होंने इस मामले की लिखित शिकायत कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और शीर्ष नेतृत्व से करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
हार की आशंका से बौखलाए प्रत्याशी
दूसरी ओर, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया है। भारती ने घनश्याम सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि वे संभावित हार से डरकर इस तरह की अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि घनश्याम सिंह पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की सहमति से चुनावी मैदान में उतरे थे और शुरुआत में वे चुनाव लड़ने से कतरा रहे थे।
आजाद समाज पार्टी का भी हमला
विवाद के बीच आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी दामोदर यादव ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दोनों नेताओं को घेरा। दामोदर यादव ने आरोप लगाया कि घनश्याम सिंह असल में कांग्रेस के नहीं, बल्कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थित उम्मीदवार हैं। उन्होंने घनश्याम सिंह पर पूर्व में आर्थिक मदद लेने का भी दावा किया, हालांकि मीडिया के सामने वे कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके।
शीर्ष नेतृत्व के रुख पर टिकीं निगाहें
नेताओं के बीच जारी इस सार्वजनिक खींचतान ने दतिया से लेकर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय तक हड़कंप मचा दिया है। नतीजों से पहले उजागर हुई इस गुटबाजी के बाद अब देखना होगा कि पार्टी आलाकमान इस मामले पर क्या कड़ा रुख अपनाता है।