सरदार सरोवर विस्थापितों के परिवारों को मुफ्त रजिस्ट्री की सौगात

कैबिनेट का फैसला, संबल और गौ संवर्धन जैसी दस योजनाएं 2031 तक रहेंगी जारी
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिमंडल की बैठक में आमजन और किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने नर्मदा घाटी की सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को बड़ी राहत देते हुए उनके आवासीय भूखंडों का पंजीयन (रजिस्ट्री) निःशुल्क करने का फैसला किया है। इसके साथ ही विंध्य क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कई जनकल्याणकारी योजनाओं को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने पर मुहर लगाई गई है।
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित भूखंडों के पंजीयन शुल्क और स्टाम्प ड्यूटी की प्रतिपूर्ति नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा की जाएगी। इसके तहत 25,600 से अधिक परिवार लाभांवित होंगे।  राज्य सरकार पर इसके चलते लगभग 600 करोड़ रुपये का बोझ आएगा। वहीं कृषि रकबा बढ़ाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने दो बड़ी सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी है। धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना के तहत 53.73 करोड़ की लागत से मैहर और कटनी के 9 गांवों के 2810 किसानों को लाभ मिलेगा। इससे 3500 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा। वहीं बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना में 566.92 करोड़ की लागत वाली इस योजना से कटनी के बरही और विजयराघवगढ़ तहसील के 27 गांवों के 11,500 किसानों को फायदा होगा। इससे 20 हजार हेक्टेयर में सिंचाई हो सकेगी।
छस योजनाओं की निरंतरता की स्वीकृति
बैठक में 6 विभागों की 10 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतरता के लिए 15,009 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार वित्त विभाग की लोक वित्त पोषित 500 करोड़ से कम की 8 योजनाओं के लिए 115 करोड़ 6 लाख रुपये, श्रम विभाग की मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के लिए 5 हजार करोड़ रुपये, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना और स्थापना एवं कार्यालयीन योजनाओं के लिए 3 हजार 376 करोड़ 66 लाख रूपये, पशु पालन एवं डेयरी विभाग की डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना, पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर ब्लॉकग्रांट योजना एवं पशुपालन, पशु विकास और गौ संवर्धन योजना के लिए 6 हजार 472 करोड़ 18 लाख रुपये, महिला एवं बाल विकास की किशोर कल्याण निधि योजना और घरेलू हिंसा पीड़िता के लिए सहायता योजना के लिए 24 करोड़ 70 लाख रूपये और पिछड़ा वर्ग एवं अन्य कल्याण की अल्पसंख्यक स्वरोजगार, उद्यम योजना के लिए 21 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
समाज कल्याण बोर्ड भंग
एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में मंत्रिमंडल ने मध्यप्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग करने की स्वीकृति दे दी है। इस बोर्ड के मौजूदा कर्मचारियों का संविलयन अब महिला एवं बाल विकास विभाग में किया जाएगा, जिससे विभाग की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।
 

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