1 अप्रैल 2027 से लागू होगा नियम, केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उठाएंगे खर्च का भार
भोपाल। प्रदेश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में जुटे हजारों सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बेहद राहत भरी और अच्छी खबर है। मैदानी स्तर पर चुनावी तैयारियों को दुरुस्त रखने वाले बूथ लेवल अधिकारियों और बीएलओ सुपरवाइजरों को तोहफा देते हुए प्रदेश शासन के विधि और विधायी (निर्वाचन) कार्य विभाग ने उनके सालाना मानदेय में भारी बढ़ोतरी की है। वित्त विभाग की मंजूरी के बाद उप सचिव राजेश कुमार यादव के हस्ताक्षर से इसके आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
निर्वाचन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, जमीनी स्तर पर काम करने वाले बीएलओ का वार्षिक मानदेय सीधे दोगुना कर दिया गया है। अब उन्हें प्रतिवर्ष 6,000 रुपये के स्थान पर 12,000 रुपये का भुगतान किया जाएगा। वहीं, बीएलओ सुपरवाइजरों के मानदेय को भी सालाना 12,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया गया है। मानदेय वृद्धि के बाद आने वाले अतिरिक्त खर्च को केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर संभालेंगी। आदेश के तहत यह कुल व्यय भारत सरकार और प्रदेश सरकार के बीच 50-50 के अनुपात में आधा-आधा वहन किया जाएगा। यह बजट मुख्य रूप से निर्वाचक नामावली की तैयारी और मुद्रण मद से व्यावसायिक व विशेष सेवाओं के अंतर्गत आवंटित होगा।
कब से और कैसे मिलेगी बढ़ी हुई राशि
यह नया नियम 1 अप्रैल 2027 से प्रभावी रूप से लागू माना जाएगा। कर्मचारियों की सहूलियत और समय पर भुगतान के लिए विभाग ने स्पष्ट गाइडलाइन तय की है। इसके तहत मानदेय का भुगतान साल में चार बार (त्रैमासिक आधार पर) किया जाएगा। यह राशि हर तीन महीने यानी जून, सितंबर, दिसंबर और मार्च में सीधे कर्मचारियों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी।