अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को सोशल मीडिया पर दावा किया कि ईरान ने वाशिंगटन के साथ बैठक का अनुरोध किया है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने कहा कि ऐसी कोई बैठक तय नहीं की गई है।
ट्रंप ने कहा कि यह बैठक मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में होगी। जबकि ईरान की ओर से इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इससे पहले अमेरिका के एक वरिष्ठ ने भी बताया था कि दोनों देश मंगलवार को कतर की राजधानी में बैठक करेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाना है। अधिकारियों ने बताया था कि दोनों पक्षों ने सभी तरह की सैन्य गतिविधियों और हमलों को रोकने का फैसला किया है। फिलहाल दोनों पक्ष पीछे हटने को तैयार हैं, ताकि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में बिना किसी रुकावट के जहाजों की आवाजाही हो सके।अमेरिका ईरान के साथ जारी अस्थायी समझौते को बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि हाल के दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ा है। इससे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिका में महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। क्या फंसी हुई रकम पर भी चर्चा?
इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा था कि कतर में जमा छह अरब डॉलर की राशि जारी की जाएगी। यह बयान ऐसे समय आया, जब फारस की खाड़ी क्षेत्र में हमलों के कारण अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पर दबाव बढ़ा है।
क्या बातचीत फिर शुरू होगी?
पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। उसने कहा कि वार्ता मंगलवार को फिर शुरू हो सकती है। वहीं, अमेरिकी प्रशासन ने कहा है कि कोई बातचीत रद्द नहीं हुई है और तकनीकी स्तर की चर्चा तय समय पर होगी।
ईरान ने क्या कहा?
ईरान के वरिष्ठ वार्ताकार काजेम गरीबाबादी ने कहा कि किसी भी बैठक की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कतर के साथ सामान्य परामर्श जारी है, लेकिन दोहा में तकनीकी वार्ता होने की खबरें सही नहीं हैं।
तकनीकी बातचीत क्या होती है?
तकनीकी वार्ता में दोनों देशों के निचले स्तर के अधिकारी समझौते की बारीकियों पर काम करते हैं, जिसके बाद ही शीर्ष नेतृत्व के बीच अंतिम समझौते की संभावना बनती है।