राम मंदिर चढ़ावा चोरी: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई आरोपियों की पेशी, 13 जुलाई तक रिमांड मंजूर

अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: Bhupendra Singh Updated Mon, 29 Jun 2026 03:55 PM IST

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आरोपियों की पेशी हुई। 13 जुलाई तक के लिए इनकी रिमांड मंजूर की गई है। आगे पढ़ें पूरी खबर... 

Ram Mandir offering theft Accused produced via video conferencing remand granted until July 13
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपियों की रिमांड मंजूर - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

रामनगरी अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अदालत में आरोपियों की पेशी हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने सभी आरोपियों की रिमांड 13 जुलाई तक के लिए मंजूर कर दी है।

इस दौरान एसआईटी मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच आगे बढ़ाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ करेगी। मामले की जांच अभी जारी है। अदालत में आरोपों का परीक्षण होना बाकी है। आरोपियों के विरुद्ध आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।

आठ आरोपियों पर दर्ज हुई एफआईआर

बताते चलें कि बीती छह जून को राम मंदिर की चढ़ावा धनराशि में से चोरी का मामला सामने आया था। बाद में मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर प्रदेश सरकार ने एसआईटी गठित की। दो दिन पहले एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी। इसके बाद 25 जून की शाम को मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने गणना में शामिल कर्मियों अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा व पर्यवेक्षणीय कर्मी सुभाष श्रीवास्तव व महासचिव चंपत राय के चालक रामशंकर उर्फ टिन्नू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।

कर्मियों ने चढ़ावा धनराशि की चोरी की

एसआईटी रिपोर्ट से यह तथ्य प्रकाश में आया है कि गणना प्रक्रिया में सेवारत कुछ कर्मियों ने भेंट/चढ़ावा धनराशि की चोरी की है। पर्यवेक्षणीय कार्य में लगे सुभाष श्रीवास्तव और बैंक पर्यवेक्षणीय कर्मी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की भूमिका भी प्रथम दृष्टया है। इसी आधार पर पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

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