बीड़ी एवं खदान श्रमिकों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति आवेदन 31 अक्टूबर तक

                                                                         भोपाल : सोमवार, जून 29, 2026, 17:02 IST

श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। योजना के अंतर्गत बीड़ी एवं खदान श्रमिकों के अध्ययनरत संतानों को स्‍कूली शिक्षा से लेकर उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को पात्र विद्यार्थियों तक योजना की जानकारी पहुंचाने तथा समय-सीमा में आवेदन एवं सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं।

उच्च शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्रवृत्ति आवेदन राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) पर एक जून से प्रारंभ हो चुके हैं। पात्र विद्यार्थी 31 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विभाग ने महाविद्यालयों से अधिकाधिक पात्र विद्यार्थियों को योजना से जोड़ने और उनके आवेदनों का समयबद्ध सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा है।

योजना के अंतर्गत कक्षा एक से लेकर व्यावसायिक पाठ्यक्रमों तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष 1,000 रुपये से 25,000 रुपये तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। कक्षा एक से चौथी तक के विद्यार्थियों को 1,000 रुपये, कक्षा 5 से 8 तक 1,500 रुपये, कक्षा 9 एवं 10 के विद्यार्थियों को 2,000 रुपये, कक्षा 11 एवं 12 के विद्यार्थियों को 3,000 रुपये तथा आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं डिग्री पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को 6,000 रुपये की सहायता दी जाती है। वहीं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को 25,000 रुपये प्रतिवर्ष तक की छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाती है।

यह सहायता राशि सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है। योजना का लाभ बीड़ी श्रमिकों, लौह अयस्क, मैंगनीज एवं क्रोम अयस्क खदान श्रमिकों, चूना पत्थर एवं डोलोमाइट खदान श्रमिकों के पात्र बच्चों को दिया जाता है। यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा जारी रखने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है।

                                                                                                                    राजेश दाहिमा 


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