देश में आज भी अंग्रेजी हुकूमत जैसे हालात

दिग्विजय ने नेहरू पर फैलाए जा रहे दावों को नकारा
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गईं। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने केंद्र व राज्य सरकार की शासन व्यवस्था पर चौतरफा हमला बोला। सिंह ने वर्तमान व्यवस्था की तुलना ब्रिटिश हुकूमत से करते हुए कहा कि आज देश में ठीक वैसे ही हालात बन चुके हैं, जो आजादी के पहले अंग्रेजों के शासनकाल में हुआ करते थे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जीवन और उनके रहन-सहन को लेकर सोशल मीडिया व अन्य मंचों पर किए जाने वाले दावों को सिरे से खारिज कर दिया। नेहरू के कपड़े धुलने पेरिस जाने वाली बात को पूरी तरह असत्य और भ्रामक बताते हुए सिंह ने कहा जिस नौजवान की पूरी शिक्षा-दीक्षा विदेशों में हुई और जिनके पिता देश के सबसे नामी वकील थे, उन्होंने देश की खातिर अपनी तमाम सुख-सुविधाओं का त्याग कर दिया और ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी। आज के दौर में ऐसा त्याग करने वाला कोई दूसरा नेता ढूंढना नामुमकिन है। उन्होंने नेहरू द्वारा संपन्न परिवार से होने के बावजूद जेल यात्राएं करने को आज के युवाओं के लिए एक बड़ी मिसाल बताया।
बहुसंख्यक सांप्रदायिकता देश के लिए सबसे बड़ी चुनौती
नेहरू की प्रसिद्ध पुस्तक डिस्कवरी ऑफ इंडिया (भारत की खोज) और उनकी विचारधारा का जिक्र करते हुए दिग्विजय सिंह ने सांप्रदायिकता के मुद्दे पर बेहद बेबाक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि नेहरू हमेशा मानते थे कि सांप्रदायिकता केवल द्वेष और नफरत को जन्म देती है। वर्तमान परिदृश्य को रेखांकित करते हुए सिंह ने जोर देकर कहा कि अल्पसंख्यक सांप्रदायिकता की तुलना में बहुसंख्यक सांप्रदायिकता कहीं अधिक खतरनाक होती है, और आज के समय में यही हमारे देश के लोकतंत्र और ताने-बाने के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ी हो गई है।
नेहरू ने औद्योगिक विकास को गति दी
कांग्रेस नेता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि देश की पहली सरकार का बजट मात्र 197 करोड़ रुपये था, जबकि आज छोटे नगर निगमों का बजट भी इससे अधिक है। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा सहयोग से इनकार किए जाने के बाद नेहरू ने सोवियत संघ की मदद से इस्पात संयंत्र स्थापित कर औद्योगिक विकास को गति दी।  कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार एवं पूर्व राज्यसभा टीवी कार्यकारी निदेशक राजेश बादल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान उनकी डॉक्यूमेंट्री युग पुरुष नेहरू का प्रदर्शन भी किया गया। राजेश बादल ने कहा कि विभाजन और हिंसा से जूझ रहे भारत को नेहरू ने शांति, सद्भाव और विकास की दिशा में आगे बढ़ाया।
राजीव गांधी के आधुनिक भारत निर्माण को किया याद
राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर आयोजित इस संगोष्ठी में दिग्विजय सिंह के अलावा कांग्रेस विचार विभाग के अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना और वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल मुख्य रूप से मंचासीन रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी वक्ताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के विचारों को प्रासंगिक बताते हुए कंप्यूटर क्रांति, पंचायती राज और आधुनिक भारत के निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया और उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।


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