महिला वर्क-फोर्स के लिए बनेगा व्यापक ऑनलाइन पोर्टल और रिसोर्स पूल
भोपाल। प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर और उद्यमी बनाने के लिए प्रस्तावित महत्वाकांक्षी शी-मार्ट कॉन्सेप्ट पर तय समय में कार्रवाई न होने को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने इस लेती-लतीफी पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की है।
गौरतलब है कि जिस शी-मार्ट की परिकल्पना को मध्य प्रदेश ने अक्टूबर 2024 में ही पास कर दिया था, उसी मॉडल को अब भारत सरकार ने अपने वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल किया है। अगर इस पर समय रहते काम हो जाता, तो आज मध्य प्रदेश महिला उद्यमिता के क्षेत्र में पूरे देश का रोल मॉडल और अग्रणी राज्य बन चुका होता। इस चूक से सबक लेते हुए अब महिला वित्त एवं विकास निगम को नए सिरे से री-डिजाइन करने और शी-मार्ट जैसी योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में एक बड़ा नीतिगत फैसला लेते हुए यह तय किया गया कि महिला वित्त एवं विकास निगम अब केवल लोन या वित्तीय गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा। अब निगम की भूमिका बड़ी होगी, जिसमें मुख्य रूप से महिलाओं को हुनरमंद बनाना, शी-मार्ट जैसे माध्यमों से महिलाओं के उत्पादों को बड़ा बाजार दिलाना, आधुनिक दौर की जरूरतों के हिसाब से टेक्निकल ट्रेनिंग देना षामिल होगा।
तैयार होगा ऑनलाइन पोर्टल
मंत्री भूरिया ने निर्देश दिए कि निगम को प्रदेश की महिला वर्क-फोर्स तैयार करने वाली देश की प्रमुख संस्था के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए एक व्यापक ऑनलाइन पोर्टल बनेगा, जहां महिलाओं की स्किल का टेस्ट लेकर उन्हें कुशल, अर्द्ध-कुशल और अकुशल श्रेणियों में बांटा जाएगा। अकुशल और अर्द्ध-कुशल महिलाओं को उद्योगों और विभिन्न विभागों की मांग के अनुसार ट्रेनिंग देकर सीधे रोजगार दिया जाएगा। एक ऐसा डेटाबेस (रिसोर्स पूल) तैयार होगा, जिससे किसी भी सरकारी विभाग या निजी संस्था को जरूरत पड़ने पर तुरंत ट्रेंड महिला वर्क-फोर्स उपलब्ध कराई जा सकेगी।